Editorial: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो द्विवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान बस्तर में मध्यक्षेत्रीय परीषद की 26वीं बैठक हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा चार अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी शिरतकत की और नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों के चहुमुखी विकास को लेकर बैठक में मंथन किया गया।
इसके बाद हुई एक पत्रकार वार्ता के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने दैनिक नवप्रदेश के बस्तर ब्यूरों चीफ अनिल सावंत ने एक प्रश्न के माध्यम से ज्वलंत मुद्दा उठाया कि आदिवासी बहुल बस्तर आज तक राजधानी रायपुर से सीधी रेल के द्वारा नहीं जुड़ पाया है।
दशकों से जगदलपुर से रायपुर सीधी रेल सेवा की मांग की जा रही है किन्तु अब तक रेल नेटवर्क से बस्तर को जोडऩे के लिए कोई ठोस पहल परिलक्षित नहीं हो रही है। इस बारे में केन्द्र सरकार क्या कदम उठाने जा रही है। दैनिक नवप्रदेश प्रतिनिधि के प्रश्न का केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विस्तृत उत्तर दिया और कहा कि बस्तर अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है और इसका सर्वांगीण विकास डबल इंजन की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वे बस्तर की पीड़ा को और यहां के बाशिंदों की वर्षों पुरानी समस्याओं को समझ रहे है और इसके समाधान के लिए केन्द्र सरकार हर संभव कोशिश करेगी। गौरतलब है कि किसी भी क्षेत्र के विकास में रेलनेटवर्क का महत्वपूर्ण योगदान होता है। दशकों से पिछड़ेपन का अभिशाप झेलने वाले बस्तर में रेल सुविधाओं का नितांत अभाव है। अब दैनिक नवप्रदेश द्वारा इस बारे में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान आकर्षि किये जाने के बाद उम्मीद की जानी चाहिए कि जगदलपुर से रायपुर रेल मार्ग का चिर प्रतिक्षित स्वप्न शीघ्र ही साकार होगा।
