गुजरात में एक और बड़ी रेल परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद विकास की रफ्तार और तेज होने (Dholera Rail) की उम्मीद है। यह देश की पहली सेमी हाइस्पीड रेल लाइन होगी, जो अहमदाबाद के पास सरखेज को उभरते औद्योगिक शहर धोलेरा से जोड़ेगी। इस परियोजना को भविष्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब इस महत्वाकांक्षी रेल कॉरिडोर पर काम आगे बढ़ेगा। नई रेल लाइन यात्रियों के साथ माल परिवहन के लिए भी उपयोगी होगी। इससे धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र, सेमीकंडक्टर उद्योग और अन्य बड़े औद्योगिक निवेशों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन Dholera Rail
सरखेज से धोलेरा तक बनने वाली यह रेल लाइन करीब 134 किलोमीटर लंबी होगी। ट्रेन की परिचालन गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी, जबकि ट्रैक को 220 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के अनुरूप तैयार किया जाएगा। यह देश की पहली ऐसी रेल परियोजना होगी जिसे सेमी हाइस्पीड मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है।
डबल लाइन और 13 स्टेशन होंगे
करीब 20 हजार 667 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में डबल ट्रैक रेल लाइन बनाई जाएगी। कुल ट्रैक लंबाई लगभग 293 किलोमीटर होगी और इसमें 13 स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा लोथल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स और धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक अतिरिक्त रेल संपर्क भी तैयार किया जाएगा।
बड़े उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा
धोलेरा को देश की पहली ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण और अन्य आधुनिक उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। इसी क्षेत्र में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का लगभग 91 हजार करोड़ रुपये का सेमीकंडक्टर संयंत्र विकसित हो रहा है। इसके साथ कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी निवेश की तैयारी में हैं।
सड़क और हवाई संपर्क भी होगा मजबूत
धोलेरा को अहमदाबाद से जोड़ने वाला छह लेन एक्सप्रेसवे लगभग तैयार हो चुका है। वहीं धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पहला चरण भी तेजी से विकसित किया जा रहा है और वर्ष के अंत तक यहां से उड़ानें शुरू होने की संभावना है। रेल, सड़क और हवाई संपर्क एक साथ विकसित होने से यह क्षेत्र देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।
इंजीनियरिंग का होगा बड़ा उदाहरण
परियोजना के तहत लगभग 74 किलोमीटर लंबा वायाडक्ट, तीन बड़े पुल, 39 रोड अंडर ब्रिज और दो रेल ओवर रेल क्रॉसिंग बनाई जाएंगी। इसे भारतीय रेलवे की आधुनिक तकनीक वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं (Dholera Rail) में गिना जा रहा है।
2030 तक शुरू होने की उम्मीद
यदि निर्माण कार्य तय समय पर पूरा होता है तो वर्ष 2030 से 2031 के बीच इस रेल लाइन पर संचालन शुरू किया जा सकता है। इसके शुरू होने के बाद यात्रियों के साथ उद्योगों और माल परिवहन को भी बड़ी सुविधा मिलेगी तथा धोलेरा देश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
