Devkhol Illegal Coal Mining : देवखोल में अवैध कोयला खनन पर बड़ी कार्रवाई, 6 टन से अधिक कोयला जब्त

कोरिया जिले के पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में अवैध कोयला खनन (Devkhol Illegal Coal Mining) के खिलाफ प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में कोयला जब्त किया है। खनिज, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह सघन अभियान चलाकर अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया और मौके से करीब 150 बोरी यानी 6 टन 61 किलो अवैध कोयला बरामद किया।

सुरंगों में घुसकर की गई कार्रवाई, उपकरण भी जब्त (Devkhol Illegal Coal Mining)

जिले में गठित टास्क फोर्स के निर्देशन में चलाए गए अभियान में एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने सुरंगों के भीतर प्रवेश कर कार्रवाई की और कोयले के साथ-साथ फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप तथा बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए। अधिकारियों ने बताया कि यह गतिविधि संगठित रूप से संचालित की जा रही थी। अवैध कोयला खनन (Devkhol Illegal Coal Mining) के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।

कानूनी प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज

इस मामले में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि अवैध कोयला खनन (Devkhol Illegal Coal Mining) से जुड़े लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पहले भी बंद की गईं खदानें, फिर दोहराई जा रही गतिविधियां

वन विभाग के अनुसार देवखोल क्षेत्र में पूर्व में भी अवैध खदानों को ब्लास्ट कर बंद किया गया था। एसईसीएल के माध्यम से सुरंगों को सील करने की कार्रवाई लगातार की गई, लेकिन कुछ लोग इन्हें दोबारा खोलने का प्रयास करते हैं। हाल ही में पटना पुलिस द्वारा भी 3 टन 200 किलो अवैध कोयला जब्त कर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद से अवैध कोयला खनन (Devkhol Illegal Coal Mining) पर सख्ती बढ़ा दी गई है।

प्रशासन की सख्ती, लगातार निगरानी

जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध कोयला उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार नजर रखी जा रही है। शिकायत प्राप्त होते ही संयुक्त टीम तत्काल कार्रवाई कर रही है। वनमंडलाधिकारी ने कहा कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

ग्रामीणों के लिए रोजगार के विकल्प उपलब्ध

प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में आजीविका के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण अवैध गतिविधियों से दूर रहें। वी-बीजी रामजी मिशन के तहत स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत मुरमा एवं आसपास के क्षेत्रों में 20.07 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हैं,

जिनमें भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण और तालाब गहरीकरण शामिल हैं। वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 54 लाख रुपये के 30 कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिन्हें मांग के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा। अवैध कोयला खनन (Devkhol Illegal Coal Mining) रोकने के साथ वैकल्पिक आजीविका पर भी जोर दिया जा रहा है।

कलेक्टर के निर्देश, वैकल्पिक आजीविका पर जोर

जिला कलेक्टर ने इस जोखिमपूर्ण कार्य से ग्रामीणों को दूर रहने की अपील की है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों और स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिला पंचायत सीईओ को आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया है, ताकि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

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