कच्चे तेल की कीमत में गिरावट फिर भी कम नहीं हो रहे पेट्रोल-डीजल के दाम

-कच्चे तेल की कीमत देखिए, कीमत में कटौती

नई दिल्ली। petrol and diesel prices: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण आम जनता इंतजार कर रही है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कब कटौती होगी। हालांकि सरकार ने टैरिफ कटौती के लिए एक शर्त रखी है। कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक कम रहने पर तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम कर सकती हैं। पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन ने इस संबंध में जानकारी दी।

जानकारों के मुताबिक विधानसभा चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल (petrol and diesel prices) की कीमतों में 2-2 रुपये प्रति लीटर की कमी आ सकती है। इस संबंध में जैन ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है। हालाँकि केवल एक सप्ताह की स्थिति पर निर्णय नहीं लिया जा सकता है। अगर मौजूदा घटी दरें कुछ समय तक जारी रहती हैं तो ईंधन की कीमतों में कटौती पर विचार किया जा सकता है। पिछले वित्त वर्ष में तेल कंपनियों ने 82,500 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। यह मुनाफा वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 71 गुना ज्यादा है।

भारत की नजर उत्पादकता वृद्धि पर है

श्री जैन ने कहा कि ओपेक देश अक्टूबर-नवंबर में उत्पादन बढ़ाएंगे। हालांकि उत्पादन बढ़ोतरी पर फैसला दो महीने बाद लिया जाता है जो आमतौर पर दिसंबर के बाद किया जाएगा। भारत की इच्छा उत्पादन बढ़ाने की है। हम उत्पादन में किसी भी वृद्धि का स्वागत करेंगे।

कच्चे तेल में गिरावट

मंगलवार को ब्रेंट कच्चे तेल (petrol and diesel prices) की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से भी कम थी। दिसंबर 2021 के बाद यह पहली बार है कि ये दरें इस स्तर पर पहुंची हैं। टेक्सास क्रूड की कीमतें भी 66 से 68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास मँडरा रही हैं। गुरुवार को इसमें थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। तेल कंपनियां फिलहाल पेट्रोल-डीजल की बिक्री से 13 से 14 रुपये प्रति लीटर का मुनाफा कमा रही हैं। इसमें और बढ़ोतरी होगी।

ब्रेंट क्रूड दरें (डॉलर प्रति बैरल)

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