नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने (EPFO Interest) आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने करोड़ों खाताधारकों के लिए ब्याज की राशि अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में कई सदस्य अपने खाते का नया बैलेंस जानने के लिए उत्सुक हैं। अगर आप भी ईपीएफ खाते में ब्याज आने का इंतजार कर रहे थे, तो अब घर बैठे इसकी जानकारी आसानी से हासिल कर सकते हैं।
ईपीएफओ के अनुसार वित्त वर्ष 2025 26 के लिए 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज करोड़ों सदस्यों के खातों में जोड़ा जा रहा है। संगठन का कहना है कि करीब 34 करोड़ खातों में ब्याज की राशि अपडेट की जा चुकी है, जिसके बाद सदस्य अपना नया बैलेंस देख सकते हैं।
8.25 प्रतिशत ब्याज से बढ़ेगी बचत EPFO Interest
ईपीएफ नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए सबसे भरोसेमंद बचत योजनाओं में से एक मानी जाती है। इसमें कर्मचारी अपनी मूल सैलरी का 12 प्रतिशत अंशदान करता है और नियोक्ता भी उतनी ही राशि (EPFO Interest) जमा करता है। इस पूरी राशि पर हर साल ईपीएफओ की ओर से ब्याज दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि आपके ईपीएफ खाते में 1 लाख रुपये जमा हैं तो 8.25 प्रतिशत की दर से 8,250 रुपये ब्याज के रूप में जुड़ेंगे।
पासबुक के जरिए ऐसे देखें नया बैलेंस
ईपीएफ सदस्य पासबुक पोर्टल पर जाकर अपने 12 अंकों के यूएएन, पासवर्ड और कैप्चा की मदद से लॉगिन करें। मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करने के बाद व्यू सेक्शन में जाकर पासबुक विकल्प चुनें। यहां आपको खाते का अपडेटेड बैलेंस दिखाई देगा।
मिस्ड कॉल और एसएमएस से भी मिलेगी जानकारी
यदि आपका मोबाइल नंबर यूएएन से लिंक है तो 01122901406 पर मिस्ड कॉल देकर भी बैलेंस की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वहीं रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से EPFOHO UAN HIN लिखकर 7738299899 पर एसएमएस भेजने पर हिंदी में पीएफ बैलेंस की जानकारी मिल जाएगी।
उमंग ऐप से भी कर सकते हैं बैलेंस चेक EPFO Interest
उमंग ऐप में मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद सर्विस डायरेक्टरी में ईपीएफओ सेवा चुनें। इसके बाद व्यू पासबुक विकल्प पर जाकर यूएएन और ओटीपी की मदद से अपने खाते का अपडेटेड बैलेंस देखा जा सकता है।
देर से ब्याज आने पर होगा नुकसान
कई सदस्यों के मन में यह सवाल रहता है कि यदि ब्याज खाते में देर से जुड़ता है तो क्या नुकसान होगा। ईपीएफओ के अनुसार ऐसा नहीं है। नियमों के तहत ब्याज की गणना हर महीने के रनिंग बैलेंस पर (EPFO Interest) की जाती है। इसलिए ब्याज बाद में क्रेडिट होने पर भी पूरी राशि खाते में जोड़ दी जाती है और किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान नहीं होता।
