छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने (CREDA Chhattisgarh) आई है। लंबे समय से बंद पड़े सौर ऊर्जा संयंत्र अब फिर से चालू हो गए हैं, जिससे गांवों में एक बार फिर रोशनी लौट आई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के निर्देश पर यह त्वरित कार्रवाई की गई, जिसके बाद ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
15 साल से सौर ऊर्जा पर निर्भर गांव (CREDA Chhattisgarh)
गरियाबंद जिले के 38 गांवों में पिछले 15-20 वर्षों से सौर ऊर्जा के जरिए बिजली की व्यवस्था की जा रही है। यहां कुल 107 सोलर पावर प्लांट (513 किलोवाट क्षमता) के माध्यम से करीब 3907 परिवारों को कनेक्शन दिया गया है। यह व्यवस्था उन इलाकों में बेहद अहम है, जहां पारंपरिक बिजली पहुंचना मुश्किल रहा है।
बैटरी खराब होने से ठप हो गए थे संयंत्र
बीते कुछ महीनों से 7 गांवों के 13 सोलर प्लांट बैटरी खराब होने की वजह (CREDA Chhattisgarh) से बंद पड़े थे। इससे ग्रामीणों को रात के समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लगातार मांग के बावजूद समस्या बनी हुई थी, जिससे लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही थी।
CM के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर क्रेडा (CREDA) ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। Rajesh Singh Rana के नेतृत्व में खराब बैटरियों को बदलने की स्वीकृति दी गई और फील्ड अधिकारियों को तत्काल संयंत्र चालू करने के निर्देश दिए गए।
अब फिर से रोशन हुए गांव
तेजी से काम करते हुए सभी 13 बंद सौर संयंत्रों में नई बैटरी बैंक लगाई (CREDA Chhattisgarh) गई, जिससे बिजली आपूर्ति फिर से शुरू हो गई है। अब गांवों में रात के समय रोशनी लौट आई है और ग्रामीणों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों ने जताया आभार
इस पहल के बाद स्थानीय लोगों ने विभाग और अधिकारियों के प्रति आभार जताया है। उनका कहना है कि लंबे समय बाद उन्हें फिर से नियमित बिजली मिल पाई है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी आसान हुई है।
