रायपुर में रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया (CGRERA Housing Society) है, जिसने हजारों आवंटितियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। लंबे समय से आवासीय परियोजनाओं में सामान्य सुविधाओं और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। अब इस मामले में नियामक संस्था ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद आवासीय परियोजनाओं में रहने वाले लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का मानना है कि इससे परियोजनाओं के संचालन और सामान्य सुविधाओं के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा आवंटितियों के अधिकारों को मजबूती मिलेगी।
सैकड़ों परियोजनाओं को जारी किया नोटिस : CGRERA Housing Society
छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने 595 प्रमोटर्स से जुड़े 989 पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स को नोटिस जारी किया है। इन परियोजनाओं को पूर्णता प्रमाण पत्र मिल चुका है, लेकिन अब तक कॉमन एरिया, सुविधाओं और जरूरी दस्तावेजों का हस्तांतरण संबंधित सोसायटी या एसोसिएशन को नहीं किया गया है। प्राधिकरण ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित प्रमोटर्स से जवाब मांगा है।
समीक्षा में सामने आईं कमियां
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई परियोजनाओं में निर्माण कार्य पूरा होने और अधिभोग की स्थिति बनने के बाद भी आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित नहीं किया गया। इसके साथ ही सामान्य क्षेत्रों, सुविधाओं और परियोजना प्रबंधन का विधिवत हस्तांतरण भी नहीं किया गया। इसी आधार पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं।
कानून में स्पष्ट हैं जिम्मेदारियां
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार प्रमोटर की जिम्मेदारी है कि वह आवंटितियों की सोसायटी अथवा एसोसिएशन के गठन की प्रक्रिया सुनिश्चित करे। साथ ही कॉमन एरिया, सुविधाओं और परियोजना से जुड़े आवश्यक अभिलेखों का समयबद्ध हस्तांतरण भी संबंधित संस्था को किया जाना चाहिए।
आवंटितियों की भी है भूमिका
प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि केवल प्रमोटर्स ही नहीं, बल्कि आवंटितियों के लिए भी कुछ वैधानिक दायित्व तय (CGRERA Housing Society) किए गए हैं। नियमों के अनुसार प्रत्येक आवंटी को सोसायटी, एसोसिएशन या सहकारी समिति के गठन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए ताकि परियोजना प्रबंधन सुचारू रूप से संचालित हो सके।
15 दिन में मांगा जवाब
जारी नोटिस में संबंधित प्रमोटर्स को 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। उनसे पूछा गया है कि अब तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई। यदि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं दिया जाता है या प्रस्तुत उत्तर संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो संबंधित प्रमोटर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
उपभोक्ता हितों की सुरक्षा पर जोर
प्राधिकरण का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल परियोजनाओं का पंजीयन करना नहीं है, बल्कि परियोजना पूरी होने के बाद आवंटितियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना (CGRERA Housing Society) भी है। कॉमन एरिया और परियोजना प्रबंधन का समय पर हस्तांतरण पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर रियल एस्टेट व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
