CGPSC Scam : लंबे इंतजार के बाद खुला नियुक्ति का रास्ता, 11 डिप्टी कलेक्टरों को सरकार ने भेजा ज्वाइनिंग आदेश

रायपुर और बिलासपुर के प्रशासनिक गलियारों में बुधवार को अचानक हलचल तेज (CGPSC Scam) हो गई। कई महीनों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के बीच सुबह से ही चर्चा का माहौल बना रहा। जैसे ही सरकार की तरफ से आदेश जारी होने की खबर सामने आई, चयनित उम्मीदवारों और उनके परिवारों में राहत दिखाई देने लगी। कुछ अभ्यर्थी लगातार फोन पर जानकारी लेते रहे तो कई लोग कोर्ट के फैसले को इस पूरे मामले में बड़ा मोड़ मानते नजर आए।

दूसरी तरफ पीएससी मामले को लेकर पहले से चल रही सियासी और कानूनी बहस भी फिर तेज हो गई। सरकारी दफ्तरों में इस बात की चर्चा होती रही कि आखिर लंबे समय तक अटकी नियुक्तियों पर अब जाकर फैसला क्यों हुआ। कई लोग इसे हाई कोर्ट के दबाव के बाद उठाया गया कदम बता रहे हैं।

11 डिप्टी कलेक्टरों को मिला ज्वाइनिंग आदेश : CGPSC Scam

छत्तीसगढ़ में पीएससी 2021 परीक्षा से चयनित 11 डिप्टी कलेक्टरों को राज्य सरकार ने ज्वाइनिंग का आदेश जारी कर दिया है। यह कार्रवाई बिलासपुर हाई कोर्ट के निर्देश के बाद शुरू की गई है। लंबे समय से जांच के कारण इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति रुकी हुई थी।

कोर्ट ने सरकार को दिया था निर्देश

हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि जिन चयनित उम्मीदवारों के खिलाफ अब तक सीबीआई ने चालान पेश नहीं किया है और जिनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले हैं, उन्हें ज्वाइनिंग दी जाए। कोर्ट ने इसके लिए सरकार को तय समय सीमा भी दी थी।

फर्जीवाड़े की जांच अब भी जारी (CGPSC Scam)

पीएससी 2021 परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की जांच सीबीआई कर रही है। राज्य सरकार पहले ही इस पूरे मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप चुकी है। जांच के दौरान कई नाम सामने आए थे और कुछ अभ्यर्थियों के खिलाफ अदालत में चालान भी पेश किया गया।

चार आरोपी अब भी जेल में

जांच एजेंसी ने अब तक चार चयनित अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन चारों पर गड़बड़ी के पुख्ता सबूत मिलने का दावा किया गया था। मामला सामने आने के बाद से ही ये आरोपी जेल में बंद बताए जा रहे हैं।

चयनित अभ्यर्थियों ने लगाई थी गुहार

जिन उम्मीदवारों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला, उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर ज्वाइनिंग की मांग की थी। उनके अधिवक्ताओं ने अदालत में कहा था कि बिना आरोप और बिना सबूत नियुक्ति रोकना उचित नहीं है।

जांच में रिश्तेदारों के नाम भी आए सामने

सीबीआई जांच के दौरान कई प्रभावशाली लोगों और रिश्तेदारों के नाम भी सामने (CGPSC Scam) आए थे। जांच एजेंसी ने कई चयनित उम्मीदवारों के घरों में छापेमारी कर दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंक लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई थी। कॉल डिटेल और लोकेशन रिकॉर्ड भी खंगाले गए थे।

डायरी और डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ी जांच

जांच के दौरान एक डायरी में लेनदेन का हिसाब मिलने की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव जब्त कर डिजिटल जांच की गई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर कई लोगों से पूछताछ हुई और कुछ गिरफ्तारियां भी की गईं।

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