उद्यमी बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को हरी झंडी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में हुई कैबिनेट (CG sai cabinet) की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के युवाओं, सरकारी कर्मचारियों, औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को हरी झंडी दे दी है, वहीं सरकारी कर्मचारियों को उच्च पदों पर आवेदन के लिए आयु सीमा में बड़ी राहत प्रदान की है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
- युवाओं के लिए 500 करोड़ का ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’
- राज्य के युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप व नई तकनीक का केंद्र बनाने के लिए इस मिशन को मंजूरी दी गई है। आगामी 5 वर्षों के लिए इसके तहत 500 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
- प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र खोले जाएंगे।
- 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित होंगे।
- NIPUN JOB Engine के जरिए युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, आयु सीमा अब 45 वर्ष
राज्य सरकार (CG sai cabinet) ने अपने स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल व स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को बड़ी राहत दी है। अब वे अन्य सरकारी सेवाओं और उच्च पदों के लिए 45 वर्ष की उम्र तक आवेदन कर सकेंगे। पहले यह अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष थी। इस फैसले से कर्मचारियों को आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर मिलेंगे।
‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी
- छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख निर्यात हब बनाने के लिए नई एक्सपोर्ट पॉलिसी को मंजूरी दी गई है।
- राज्य में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
- कृषि व औद्योगिक क्षेत्र के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
- ई-कॉमर्स और व्यापार मेलों के जरिए स्थानीय उद्यमियों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बनाई जाएगी।
नवा रायपुर में बनेगा 200 करोड़ का नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI)
नवा रायपुर को देश में कौशल और तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ शासकीय भूमि भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को निःशुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस आधुनिक संस्थान में हर साल 1,000 युवाओं को दीर्घकालिक (Long-term) और 3,000 युवाओं को अल्पकालीन (Short-term) ट्रेनिंग दी जाएगी।
दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन का रास्ता साफ
दुर्ग में एक आधुनिक और सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह (बीआईटी कॉलेज के पास) में 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के नाम दर्ज इस जमीन के बदले राज्य सरकार पाटन तहसील के ग्राम पाहंदा में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को देगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है।
