CG Private School Strike 2026 : छत्तीसगढ़ में 18 अप्रैल को बंद रहेंगे प्राइवेट स्कूल, आरटीई भुगतान को लेकर शिक्षकों ने खोला मोर्चा

छत्तीसगढ़ के निजी स्कूल संचालकों और सरकार के बीच आरटीई (RTE) प्रतिपूर्ति राशि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन को तेज करने का फैसला (CG Private School Strike 2026) किया है। इसके तहत आगामी 18 अप्रैल को प्रदेश के सभी निजी स्कूल बंद रखने का एलान किया गया है।

वहीं, इससे एक दिन पहले यानी 17 अप्रैल को स्कूलों में शिक्षक और संचालक काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। एसोसिएशन का कहना है कि लंबित भुगतान और प्रतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी न होने के कारण निजी स्कूलों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

17 को विरोध प्रदर्शन और 18 को स्कूलों में ताला (CG Private School Strike 2026)

एसोसिएशन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 17 अप्रैल को विरोध का पहला चरण (CG Private School Strike 2026) शुरू होगा। इस दिन स्कूल खुले रहेंगे और शैक्षणिक कार्य भी जारी रहेगा, लेकिन विरोध स्वरूप सभी शिक्षक और संचालक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।

इसके ठीक अगले दिन, 18 अप्रैल को प्रदेश व्यापी ‘स्कूल बंद’ का आह्वान किया गया है। इस दिन स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह ठप रहेगी और विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना है कि यह कदम सरकार का ध्यान अपनी जायज मांगों की ओर खींचने के लिए उठाया गया है।

क्या है विवाद की मुख्य वजह?

निजी स्कूल एसोसिएशन की मुख्य मांग आरटीई के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का पुनर्निर्धारण करना है। एसोसिएशन का तर्क है कि सरकार को शासकीय स्कूलों में प्रति छात्र होने वाले वार्षिक खर्च के आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि उसी आधार पर निजी स्कूलों की प्रतिपूर्ति राशि तय की जा सके।

नियम के मुताबिक, शासकीय स्कूलों के प्रति छात्र खर्च या निजी स्कूल की वास्तविक फीस (दोनों में से जो कम हो) को आधार माना (CG Private School Strike 2026) जाता है। संचालकों का आरोप है कि वर्तमान में मिल रही राशि काफी कम है, जिससे स्कूल चलाना मुश्किल हो रहा है।

नये सत्र में आरटीई प्रवेश पर ‘असहयोग आंदोलन’

विवाद का असर अब आने वाले शैक्षणिक सत्र पर भी पड़ता दिख रहा है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक ‘असहयोग आंदोलन’ जारी रहेगा।

इसके तहत संचालकों ने घोषणा की है कि इस साल शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत वंचित वर्ग के बच्चों को नए प्रवेश नहीं दिए जाएंगे। 14 अप्रैल को हुई कार्यकारिणी की बैठक में यह तय किया गया कि जब तक प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाई जाती, तब तक यह प्रदेश स्तरीय आंदोलन अलग-अलग चरणों में जारी रहेगा।

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