बालोद जिले के दल्ली राजहरा में हुए दर्दनाक हादसे के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने (BSP Accident) को मिल रही है। सीवरेज पाइपलाइन के काम के दौरान तीन मजदूरों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। घटना के बाद से ही स्थानीय लोग लगातार सवाल उठा रहे थे कि आखिर सुरक्षा इंतजामों के बिना मजदूरों को इतने गहरे गड्ढे में क्यों उतारा गया।
हादसे के बाद अस्पताल के बाहर भी काफी देर तक हंगामा चलता रहा। मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अब मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएसपी के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
खुदाई के दौरान धंसी मिट्टी : BSP Accident
जानकारी के मुताबिक दल्ली राजहरा थाना क्षेत्र में फुटबॉल ग्राउंड के पास सीवरेज पाइपलाइन विस्तार का काम चल रहा था। जेसीबी और दूसरी मशीनों की मदद से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसा इतना गंभीर था कि तीनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद सबसे ज्यादा सवाल सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठ रहे हैं। आरोप है कि मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और बैरिकेडिंग के गहरे गड्ढे में उतारा गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिट्टी धंसने से रोकने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से नहीं किए गए थे। इसी वजह से हादसा इतना बड़ा बन गया।
तीन मजदूरों की गई जान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन के रूप में हुई है। घटना के बाद उनके परिवारों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता तो मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी।
दो अधिकारी किए गए निलंबित (BSP Accident)
लगातार बढ़ते दबाव और विरोध के बाद बीएसपी प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए डीजीएम मंगेश सेलकर और एजीएम सिविल रमेश कुमार को निलंबित कर दिया है। मृतकों के परिजनों ने पहले अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई थी।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू (BSP Accident) कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि हादसे के लिए जिम्मेदार अन्य लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
