रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य में यात्री बसों के किराए में संशोधन को लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने प्रदेश के बस संचालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक कर उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की।
बैठक में बस संचालकों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में डीजल, स्पेयर पार्ट्स, वाहन बीमा, कर्मचारियों के वेतन और रखरखाव की लागत में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि यात्री किराया पुराने ढांचे के अनुसार ही संचालित हो रहा है। उनका कहना था कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में बिना किराया संशोधन के बसों का संचालन करना कठिन होता जा रहा है।
संचालकों ने सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यात्री किराए को डीजल की कीमतों से सीधे जोड़ दिया जाए। उनका तर्क है कि यदि ईंधन के दाम बढ़ते हैं तो किराए में भी उसी अनुपात में वृद्धि हो और कीमतें कम होने पर यात्रियों को राहत मिले। इससे किराया निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बन सकेगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बस संचालकों की मांगों को सुनने के बाद कहा कि राज्य सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगी। पहले विभिन्न राज्यों में लागू किराया निर्धारण मॉडल और नियमों का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद सभी पहलुओं पर विचार कर नई किराया दरों को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बैठक के दौरान विभाग ने बस संचालन में अनुशासन और यात्री सुविधाओं को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी बस संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
पर्यटक परमिट की आड़ में नहीं चलेगी नियमित सेवा
बैठक में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाली बसों के संचालन पर भी चर्चा हुई। विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि पर्यटक परमिट प्राप्त वाहनों का उपयोग नियमित यात्री परिवहन सेवा के रूप में करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का दुरुपयोग करने वाले संचालकों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को मिलेगी प्राथमिकता
परिवहन विभाग ने निर्देश दिया कि प्रत्येक यात्री बस में महिलाओं के लिए निर्धारित आरक्षित सीटों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही दिव्यांग यात्रियों के लिए कम से कम तीन सीटें सुरक्षित रखी जाएं और उनके आवागमन को सुगम बनाने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बसों में सुरक्षा उपकरण रखना होगा अनिवार्य
यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी बसों में अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार, आपातकालीन खिड़कियां, प्राथमिक उपचार किट और अन्य सुरक्षा उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने कहा कि बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सीधी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि परमिट शर्तों का उल्लंघन, ओवरलोडिंग, अनधिकृत संशोधन या सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें वाहन जब्ती, फिटनेस निलंबन, परमिट रद्द करने और जुर्माने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
राज्य सरकार के स्तर पर चल रही इस कवायद को परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि किराया संशोधन को लेकर सरकार कब और क्या निर्णय लेती है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश में बस यात्रा की लागत बढ़ सकती है, जबकि बस संचालकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
