CEC Gyanesh Kumar: 13 करोड़ वोटर लिस्ट से बाहर? मुख्य चुनाव आयुक्त को सस्पेंड करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला!

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) को तत्काल निलंबित करने की मांग वाली याचिकाओं पर कोई भी एकतरफा (ex-parte) अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि बिना प्रतिवादियों का पक्ष सुने केवल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर ऐसा कदम नहीं उठाया जा सकता। अदालत ने केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग (ECI) और CEC सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

किसे जारी हुए नोटिस:

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, ECI, CEC ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू व डॉ. विवेक जोशी, डिप्टी चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और DG (IT) सीमा खन्ना से जवाब तलब किया है।

याचिकाओं में लगाए गए गंभीर आरोप

यह सुनवाई ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट (CEC Gyanesh Kumar) के आधार पर दायर याचिकाओं (राकेश कुमार सिंह और शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा) पर हो रही थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह और मेनका गुरुस्वामी ने अदालत के समक्ष निम्नलिखित दावे पेश किए ।

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां

निलंबन की मांग पर सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट (CEC Gyanesh Kumar) ने कई व्यावहारिक और कानूनी सवाल उठाए:

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