दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच जारी तनाव और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत में होने वाली एक बड़ी बैठक को लेकर हलचल (BRICS Summit) तेज हो गई है। राजधानी दिल्ली में सितंबर महीने में होने वाले शिखर सम्मेलन को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर नजर रखने वाले लोगों के बीच इस बैठक को लेकर खास चर्चा हो रही है।
नई दिल्ली में प्रस्तावित इस सम्मेलन को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई बड़े देशों के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। खासतौर पर रूस और चीन के नेताओं की मौजूदगी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।
सितंबर में होगा बड़ा शिखर सम्मेलन : BRICS Summit
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है। इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी सम्मेलन में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
यदि यह दौरा तय होता है तो अक्टूबर 2019 के बाद यह भारत का उनका पहला दौरा माना जाएगा। उस समय उन्होंने तमिलनाडु के मामल्लापुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।
सीमा तनाव के बाद बढ़ी थी दूरी
जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प और बाद में तवांग सीमा पर बने तनावपूर्ण हालात के बाद भारत और चीन के संबंधों पर असर पड़ा था। इसके बाद रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी।
वैश्विक मुद्दों के बीच अहम बैठक
यह सम्मेलन ऐसे समय होने जा रहा है जब दुनिया कई बड़े भू राजनीतिक मुद्दों से जूझ (BRICS Summit) रही है। ब्रिक्स समूह के भीतर भी कई अंतरराष्ट्रीय मामलों को लेकर अलग अलग राय सामने आ रही है। खासकर ईरान युद्ध, पश्चिम एशिया तनाव और दूसरे वैश्विक मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच मतभेद चर्चा में रहे हैं।
दिल्ली में हुई वार्ता में नहीं बन पाई सहमति
24 अप्रैल को नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के उप विदेश मंत्रियों और विशेष दूतों की बैठक हुई थी। हालांकि इस वार्ता के बाद कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हो सका। बताया गया कि कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर शब्दों और प्रस्तावों को लेकर सदस्य देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई थी।
भारत पर रहेगी बड़ी जिम्मेदारी
भारत अब समूह के भीतर मौजूद मतभेदों को कम करने और बदलते वैश्विक माहौल में ब्रिक्स को एकजुट बनाए रखने की दिशा में अहम भूमिका निभाने की तैयारी में दिखाई (BRICS Summit) दे रहा है। जनवरी 2026 में भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली थी और अब इस सम्मेलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।
