सरगुजा संभाग में सहकारी बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के मामले ने अब बड़ा मोड़ (Bank Scam) ले लिया है। किसानों के खातों और फर्जी लेनदेन को लेकर सामने आए खुलासों के बाद इलाके में लगातार चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग इस पूरे मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं। बैंक शाखाओं और संबंधित विभागों में हलचल बढ़ गई है।
मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री होने के बाद कई बड़े नामों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। किसानों की मेहनत की कमाई से जुड़े इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ गई है।
28 करोड़ के मामले की होगी जांच : Bank Scam
सरगुजा संभाग के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की शंकरगढ़ और कुसमी शाखाओं में करीब 28 करोड़ रुपये के वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में फर्जी खातों और मनी ट्रांसफर के जरिए रकम की हेराफेरी की गई। अब इस पूरे प्रकरण की जांच ईडी करेगी।
मंत्री ने लिया मामले का संज्ञान
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया गया कि किसानों और मनरेगा से जुड़े नामों पर फर्जी खाते खोलकर रकम के लेनदेन किए गए थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू की गई।
फर्जी खातों के जरिए हुई गड़बड़ी
जांच में सामने आया कि आदिम जाति सहकारी समिति जमड़ी के नाम पर फर्जी खाता खोलकर करोड़ों रुपये का लेनदेन (Bank Scam) किया गया। इसके अलावा मनरेगा और जनपद पंचायत के नाम पर भी कथित तौर पर बोगस खातों के जरिए राशि ट्रांसफर की गई।
बैंक कर्मचारियों पर दर्ज हुई एफआईआर
मामले में अब तक बैंक के 10 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि कई लेनदेन और खातों की जानकारी खंगाली जा रही है। पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी है।
ईडी ने मांगी जानकारी
मामले में ईडी की ओर से बैंक प्रबंधन को पत्र जारी कर विस्तृत जानकारी मांगी (Bank Scam) गई है। बताया जा रहा है कि वित्तीय लेनदेन और खातों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
किसानों के बीच बढ़ी चर्चा
किसानों के खातों से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद ग्रामीण इलाकों में भी काफी चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि सहकारी बैंक से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है ताकि किसानों की रकम सुरक्षित रह सके।
