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संपादकीय: बांग्लादेश की भारत को गिदड़भभकी

Bangladesh's threats to India

Bangladesh's threats to India

Editorial: बांग्लादेश के एक सैन्य अधिकारी ने भारत को चेतावनी दी है कि भारत बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करे। अन्यथा बांग्लादेश भारत को सबक सिखाने पर विवश हो जाएगा। भारत ने अभी तक तो बांग्लादेश के अंदरूनी मामलों में दखलअंदाजी नहीं की है लेकिन यदि बांग्लादेश के नेता और सेना के अधिकारी इस तरह के भड़काऊ बयान देंगे तो भारत को बांग्लादेश के खिलाफ भी आपरेशन सिंदूर जैसी कार्यवाही करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

दरअसल जब से बांग्लादेश में शेख हसीना की चुनी हुई सरकार का तख्तापलट हुआ है और उन्होंने बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण ले रखी है तभी बांग्लादेश में रहने वाले हिन्दु अल्पसंख्यकों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। बांग्लादेश के कार्यवाहक मोहम्मद युनूस भारत विरोधी गतिविधियों को भी अंजाम दे रहे हैं। पहले तो उन्होंने चीन के साथ संबंध मजबूत किये ताकि बांग्लादेश से सटे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में अशांति फैलाई जा सके। किन्तु अब चीन के संबंध भारत के साथ फिलहाल सुधर गये हैं इसलिए चीन ने अपने हाथ पीछे खींच लिये हैं।

नतीजतन बांग्लादेश ने पाकिस्तान से हाथ मिलाकर भारत विरोधी अभियान को तेज करना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के कुख्यात आतंकवादी और मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद का भाई इन दिनों बांग्लादेश में आया हुआ है। यह आतंकवादी बांग्लादेश और भारत की सीमा पर वहां के सैन्य अधिकारियों के साथ घूमता देखा गया है। ऐसा समझा जा रहा है कि हाफिज सईद अब बांग्लादेश में अपने आतंकी संगठन को खड़ा करके वहां से भारत के खिलाफ आतंकी कार्यवाही करने की योजना बना रहा है। यही नहीं बल्कि भारत विरोधी बयान देने वाले जाकिर नाइक को भी बांग्लादेश में आमंत्रित किया गया है जो वहां एक माह तक रहेगा।

जाहिर है वह भी बांग्लादेश में जहर ही उगलेगा। ऐसी स्थिति में बांग्लादेश के एक सैन्य अफसर द्वारा भारत पर हमला करने की दी गई गिदड़भभकी से स्पष्ट है कि बांग्लादेश पाकिस्तान और अमेरिका की सह पर भारत में गड़बडी फैलाने की कोशिश कर सकता है। किन्तु वह यह बात भूल गया है कि भारत ने आतंक का पर्याय बन चुके पाकिस्तान की क्या गत बनाई है। बांग्लादेश भी पाकिस्तान की तरह ही आज दाने दाने को मोहताज हो गया है। ऐसे में यदि उसने भारत को छेडऩे की हिमाकत की तो भारत उसे कहीं का नहीं छोड़ेगा।

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