मुंबई में पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा (Baba Siddique Case) में आ गया है। इस बार मामला हत्या की जांच से ज्यादा सुरक्षा में हुई चूक को लेकर गरमा गया। पुलिस विभाग के बड़े फैसले के बाद पूरे मामले को लेकर हलचल बढ़ गई है। लोगों के बीच यह चर्चा होती रही कि आखिर सुरक्षा में ऐसी कौन सी लापरवाही हुई जिसके बाद इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा।
पुलिस विभाग की कार्रवाई के बाद कई सवाल फिर सामने आने लगे हैं। घटना के इतने समय बाद अचानक लिए गए फैसले को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में भी बातचीत तेज हो गई। वहीं इस मामले से जुड़े पुराने घटनाक्रम की भी फिर चर्चा होने लगी है।
सुरक्षा ड्यूटी में तैनात था कॉन्स्टेबल : Baba Siddique Case
जानकारी के मुताबिक कॉन्स्टेबल श्याम सोनावणे सुरक्षा शाखा में तैनात थे और बाबा सिद्दीकी की सुरक्षा ड्यूटी पर लगाए गए थे। हत्या की घटना के बाद उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई थी।
जांच में लापरवाही की बात सामने आई
विभागीय जांच के दौरान कॉन्स्टेबल पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। बाद में पुलिस विभाग ने उन्हें सेवा से हटाने का आदेश जारी कर दिया।
अक्टूबर की रात हुई थी हत्या
पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या 12 अक्टूबर 2024 की रात (Baba Siddique Case) हुई थी। बांद्रा इलाके में उनके बेटे के कार्यालय के बाहर हमलावरों ने गोली मारकर वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पूरे महाराष्ट्र में इस मामले की काफी चर्चा हुई थी।
कई आरोपियों पर तय हुए आरोप
कुछ समय पहले विशेष अदालत ने मामले में 27 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। इनमें हत्या, संगठित अपराध और हथियार कानून से जुड़े प्रावधान शामिल बताए गए हैं। अदालत में अब आगे की सुनवाई की प्रक्रिया चलेगी।
गैंग का नाम आने से बढ़ी थी सनसनी
हत्या मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नाम सामने आने के बाद मामला और ज्यादा चर्चाओं (Baba Siddique Case) में आ गया था। जांच एजेंसियों ने आरोप पत्र में गिरोह से जुड़े लोगों का भी उल्लेख किया है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि हत्या की साजिश दबदबा बनाने के मकसद से रची गई थी।
