Women’s Day Special : 20 से 60 की उम्र में महिलाओं को कौन-कौन से हेल्थ टेस्ट कराने चाहिए? जानिए पूरी हेल्थ गाइड

अक्सर महिलाएं परिवार और काम की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को नजरअंदाज (Women’s Day Special) कर देती हैं। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना बेहद जरूरी है।

20 से 60 वर्ष की उम्र के बीच महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, जिनकी समय रहते जांच कराई जाए तो कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है। Women’s Day के मौके पर जानिए उम्र के हिसाब से महिलाओं को कौन-कौन से जरूरी मेडिकल टेस्ट करवाने चाहिए।

20 की उम्र में ये टेस्ट जरूरी

20s महिलाओं के लिए हेल्थ मॉनिटरिंग की शुरुआत का समय माना जाता है। इस उम्र में कई प्रिवेंटिव टेस्ट करवाना फायदेमंद रहता है।

पैप स्मीयर टेस्ट (सर्वाइकल कैंसर की जांच)

HPV वैक्सीनेशन

सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) की स्क्रीनिंग

हीमोग्लोबिन और ब्लड शुगर टेस्ट

थायरॉइड फंक्शन टेस्ट

नियमित ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन

डॉक्टरों के मुताबिक, अगर पीरियड्स साइकिल में असामान्यता दिखाई दे तो तुरंत गाइनोकॉलोजिस्ट से जांच करवानी चाहिए।

https://youtu.be/qQ-oUsp4Vcs

30 की उम्र में बढ़ जाती है स्क्रीनिंग की जरूरत

30s में महिलाओं के शरीर में मेटाबॉलिक और हार्मोनल बदलाव बढ़ने (Women’s Day Special) लगते हैं। इसलिए इस उम्र में कुछ अतिरिक्त टेस्ट जरूरी हो जाते हैं।

क्लिनिकल ब्रेस्ट एग्जामिनेशन

पैप स्मीयर और HPV टेस्ट (हर 3-5 साल में)

ब्लड शुगर और डायबिटीज स्क्रीनिंग

कोलेस्ट्रॉल और लिपिड प्रोफाइल

विटामिन की कमी की जांच

प्रेग्नेंसी प्लानिंग के लिए रिप्रोडक्टिव हेल्थ टेस्ट

नियमित गाइनोकोलॉजिकल चेक-अप इस उम्र में कई समस्याओं को जल्दी पहचानने में मदद कर सकता है।

40 की उम्र में इन टेस्ट पर दें ध्यान

40 की उम्र के बाद कैंसर और हार्मोनल बदलावों से जुड़ी जांच और भी जरूरी हो जाती है।

हर साल मैमोग्राम (ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग)

ब्लड प्रेशर जांच

डायबिटीज स्क्रीनिंग

लिपिड प्रोफाइल टेस्ट

थायरॉइड टेस्ट

पेरिमेनोपॉज से जुड़े हार्मोन टेस्ट

कुछ मामलों में डॉक्टर हड्डियों की जांच के लिए बोन डेंसिटी टेस्ट भी सलाह दे सकते हैं।

50 की उम्र में जरूरी हेल्थ स्क्रीनिंग

50 के बाद कई महिलाओं में मेनोपॉज शुरू हो जाता है। इस समय शरीर की कई नई स्वास्थ्य जरूरतें सामने आती हैं।

बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट (ऑस्टियोपोरोसिस जांच)

नियमित मैमोग्राफी

कोलन कैंसर स्क्रीनिंग

दिल से जुड़ी जांच

मेनोपॉज से जुड़े लक्षणों का मूल्यांकन

मेनोपॉज के दौरान हॉट फ्लैशेज, नींद की समस्या, चिंता और हड्डियों की कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

60 की उम्र में ये जांच कराना जरूरी

60 के बाद हेल्थ चेकअप का मुख्य उद्देश्य शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखना होता है।

ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग

हड्डियों की हेल्थ जांच

कार्डियोवैस्कुलर टेस्ट

पेल्विक एग्जामिनेशन

किडनी फंक्शन टेस्ट (RFT)

लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)

https://youtu.be/aKnGMgMFsOA

कॉग्निटिव हेल्थ जांच

डॉक्टरों के अनुसार मेनोपॉज के बाद असामान्य ब्लीडिंग, लगातार पेट फूलना या किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज (Women’s Day Special) नहीं करना चाहिए।

क्यों जरूरी है रेगुलर हेल्थ स्क्रीनिंग

समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने से कई गंभीर बीमारियों जैसे सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, हृदय रोग और ऑस्टियोपोरोसिस का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर दशक में प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप महिलाओं को स्वस्थ रहने, हार्मोनल बदलावों को समझने और बेहतर जीवन जीने में मदद करता है।

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