Wheat Procurement MP: स्लॉट बुकिंग बढ़ी तो किसानों की उम्मीद भी बढ़ी, 9 मई तक मिलेगा मौका

भोपाल के कई खरीदी केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की कतारें दिखने (Wheat procurement MP) लगी हैं। Wheat procurement MP को लेकर इस बार गांवों में अलग तरह की हलचल है। कई किसानों का कहना है कि स्लॉट बुकिंग बढ़ने से अब बेचैनी कम हुई है और फसल बेचने की तैयारी में राहत मिली है। कुछ किसान यह भी बोल रहे हैं कि पहले जो डर था कि समय नहीं मिलेगा, अब वह धीरे-धीरे खत्म हो रहा है।

ग्राउंड पर बात करने पर पता चलता है कि मध्यम और बड़े किसान भी इस बार ज्यादा एक्टिव दिख रहे हैं। Wheat procurement MP के चलते गांव-गांव में चर्चा है कि सरकार ने जो समय बढ़ाया है, उससे काफी लोगों को फायदा मिलेगा। कई किसानों ने दो दिन में ही स्लॉट बुक कर लिया और बाकी अभी भी कोशिश में लगे हुए हैं।

लक्ष्य बड़ा, तैयारी भी तेज (Wheat procurement MP)

खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक पिछले साल करीब 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इस बार हालात आसान नहीं होने के बावजूद सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन तक खरीद का टारगेट रखा है। इसी के साथ पूरे प्रदेश में व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश भी दिख रही है ताकि किसानों को परेशानी कम हो।

स्लॉट बुकिंग का असर

प्रदेश के सभी जिलों में छोटे किसानों के साथ मध्यम और बड़े किसानों को भी स्लॉट बुकिंग की सुविधा (Wheat procurement MP) दी गई है। इसी का असर है कि सिर्फ दो दिनों के भीतर करीब 1 लाख 36 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कर लिया। पहले जहां तारीख 30 अप्रैल तक थी, अब इसे बढ़ाकर 9 मई 2026 तक कर दिया गया है।

खास बात यह भी रखी गई है कि हर शनिवार को भी खरीदी और स्लॉट बुकिंग जारी रहेगी, जिससे किसानों को अतिरिक्त समय मिल सके। अभी तक करीब 9.23 लाख किसानों ने 52.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं बेचने के लिए स्लॉट रिजर्व कर लिया है।

खरीद के आंकड़े क्या कहते हैं

अब तक प्रदेश में 4 लाख 20 हजार 277 किसानों से लगभग 17 लाख 82 हजार 984 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। भुगतान के लिए 2546.92 करोड़ रुपये के ईपीओ भी तैयार किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को समय पर पैसा मिल सके।

उपार्जन केंद्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए भी बदलाव किया (Wheat procurement MP) गया है। पहले जहां एक केंद्र पर 1000 क्विंटल तक स्लॉट तय था, अब उसे बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया गया है। साथ ही तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है ताकि काम तेज हो सके।

किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ीं (Wheat procurement MP)

किसानों को कहीं भी अपनी उपज बेचने की सुविधा दी गई है, यानी अब वे जिले के किसी भी खरीदी केंद्र पर जा सकते हैं। केंद्रों पर पीने के पानी, बैठने के लिए छाया और जरूरी जन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं ताकि इंतजार के दौरान परेशानी न हो।

इसके अलावा तौल के समय दिक्कत न आए, इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। साफ-सफाई के लिए पंखे और छन्ना जैसी चीजें भी रखी गई हैं।

समर्थन मूल्य और बोनस

इस बार गेहूं की खरीदी 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर हो रही है। इसके साथ राज्य सरकार की तरफ से 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। भंडारण के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि खरीदा गया गेहूं सुरक्षित रखा जा सके। जूट के साथ-साथ PP और HDP बैग का उपयोग भी किया जा रहा है, जिससे स्टोरेज में दिक्कत न आए।

Exit mobile version