विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) पोर्टल में शिक्षकों के पंजीयन और ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर जिला प्रशासन (VSK Portal Registration) ने सख्त रुख अपनाया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल की नाराजगी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिन शिक्षकों का VSK पोर्टल में पंजीयन, ऑनलाइन उपस्थिति और APAAR ID निर्माण पूरा नहीं है, उनका इस माह का वेतन आहरण न किया जाए।
डीईओ द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य शासन के निर्देशों के बावजूद जिले में VSK पोर्टल पर पंजीयन की प्रगति बेहद धीमी है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अब वेतन को सीधे इससे जोड़ा जा रहा है। आदेश के मुताबिक जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में कार्यरत सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधान पाठक, व्याख्याता और प्राचार्य की ऑनलाइन उपस्थिति VSK पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विद्यालय में VSK पोर्टल में शत-प्रतिशत पंजीयन और APAAR ID निर्माण लंबित (VSK Portal Registration) पाया गया, तो संबंधित शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही वेतन जारी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
मुख्य सचिव करेंगे समीक्षा, बढ़ा दबाव
डीईओ के आदेश में उल्लेख किया गया है कि 02 फरवरी 2026 को आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव द्वारा VSK पोर्टल में पंजीयन और ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। ऐसे में सभी बीईओ को निर्देशित किया गया है कि समीक्षा बैठक से पहले व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाए।
BEO पर भी कार्रवाई की चेतावनी
आदेश में दोटूक कहा गया है कि 27 जनवरी 2026 तक प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों का शत-प्रतिशत VSK पंजीयन और छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित (VSK Portal Registration) की जाए। यदि तय समय-सीमा तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित बीईओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
साथ ही यू-डाइस पोर्टल में आधार सत्यापन के बावजूद APAAR ID निर्माण में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई गई है। बीईओ को व्यक्तिगत रुचि लेते हुए शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत APAAR ID निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
