वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने पशु चिकित्सा विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप कुमार अम्बष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Veterinary Department Suspension) कर दिया है। यह कार्रवाई जांच समिति की रिपोर्ट में राशि जमा नहीं किए जाने और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हितग्राहियों के अंशदान की 44,54,700 रुपये की राशि उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, अंबिकापुर के अधिकृत खाते में जमा नहीं की गई। इसके अलावा पशु रोगी कल्याण समिति, सरगुजा के खाते में भी 63,29,640 रुपये जमा नहीं किए जाने का मामला सामने आया। इस तरह कुल 1 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब प्रस्तुत (Veterinary Department Suspension) नहीं किया गया। इसके बाद जुलाई 2025 में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसने अपने प्रतिवेदन में पाया कि कर्मचारी द्वारा आरोपों के संबंध में कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित कर्मचारी ने विभागीय लेटरहेड का उपयोग व्यक्तिगत कार्य के लिए किया, जो शासकीय नियमों के विपरीत है। इसे सेवा आचरण का उल्लंघन मानते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत प्रदीप कुमार अम्बष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पशु चिकित्सालय मैनपाट निर्धारित (Veterinary Department Suspension) किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने और शासकीय कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

