छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित उप संचालक, पशु चिकित्सा विभाग कार्यालय में एक करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय राशि के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन (Veterinary Department Scam) ने सख्त कदम उठाए हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक ग्रेड-दो एवं प्रभारी लेखा शाखा प्रदीप कुमार अम्बष्ट के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली अंबिकापुर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
उप संचालक डॉ. आर.पी. शुक्ला द्वारा प्रस्तुत आवेदन और पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है, जो लोकसेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग से संबंधित है।
कार्यालयीन अभिलेखों की नियमित समीक्षा के दौरान वित्तीय अनियमितता की आशंका सामने आने पर विस्तृत जांच (Veterinary Department Scam) कराई गई। समिति के प्रतिवेदन में विभिन्न विभागीय योजनाओं और जिला पशु रोगी कल्याण समिति से संबंधित कुल 1 करोड़ 7 लाख 84 हजार 340 रुपये शासकीय बैंक खातों में जमा न किए जाने की पुष्टि हुई है।
जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित कर्मचारी द्वारा कथित रूप से स्वयं निर्मित पदमुद्रा का उपयोग कर सीजीटीसी-एमपीटीसी रसीदें जारी की गईं और प्राप्त राशि का शासकीय अभिलेखों में समुचित लेखा-जोखा दर्ज नहीं पाया गया। बैंक स्टेटमेंट के परीक्षण में भी उक्त राशि जमा होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। प्रशासनिक स्तर पर भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी (Veterinary Department Scam) दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि अन्य संलिप्तता पाई जाती है तो दायरा बढ़ाया जाएगा।

