सिंघीतराई वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे (Vedanta Plant Blast) ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है। 20 मजदूरों की मौत और 16 के घायल होने के बाद अब सवाल सिर्फ हादसे का नहीं, बल्कि उस लापरवाही का है जिसने इन जिंदगियों को निगल लिया।
घटना के बाद कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कंपनी की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
कैबिनेट मंत्री ने रायगढ़ के शासकीय और निजी अस्पतालों का दौरा कर घायल श्रमिकों से मुलाकात की और अस्पताल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर इलाज में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी दुर्घटना (Vedanta Plant Blast) हुई कैसे? क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या सिर्फ उत्पादन और मुनाफे पर ध्यान दिया जा रहा था?
14 अप्रैल का वो काला दिन (Vedanta Plant Blast)
ग्राम सिंघीतराई स्थित प्लांट में 14 अप्रैल को बॉयलर ब्लास्ट (Vedanta Plant Blast) हुआ, जिसने देखते ही देखते पूरे प्लांट को हादसे में बदल दिया। कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कलेक्टर, एसपी और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन 20 मजदूरों की जान नहीं बचाई जा सकी।
घायलों को आनन-फानन में रायगढ़ के फोर्टिस, मेट्रो, मेडिकल कॉलेज और अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर घायलों को रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया। सरकार ने इलाज की जिम्मेदारी उठाई, लेकिन सवाल यह है कि हादसे से पहले सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी?
मुआवजा घोषित, लेकिन क्या इससे भर पाएगा नुकसान
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं केंद्र की ओर से मृतकों के लिए 2 लाख और घायलों के लिए 50 हजार की अनुग्रह राशि तय की गई है। कंपनी प्रबंधन ने भी 35 लाख रुपए मुआवजा और नौकरी देने की बात कही है, जबकि घायलों को 15 लाख देने का ऐलान किया गया है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या पैसों से उन परिवारों का दर्द कम हो जाएगा जिन्होंने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए? क्या यह मुआवजा कंपनी की लापरवाही (Vedanta Plant Blast) पर पर्दा डालने की कोशिश तो नहीं?
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन ऐसे मामलों में अक्सर जांच लंबी खिंचती (Vedanta Plant Blast) है और जिम्मेदार बच निकलते हैं। अब देखना होगा कि इस बार कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या वाकई दोषियों को सजा मिलती है।
कितने लोग हुए प्रभावित
इस भीषण हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें 20 की मौत हो चुकी है, जबकि 16 घायल हैं और अस्पतालों में उनका इलाज (Vedanta Plant Blast) जारी है। राज्य सरकार ने मृतकों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार, जबकि केंद्र ने मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार देने की घोषणा की है। कंपनी ने मृतकों के परिवार को 35 लाख और नौकरी देने की बात कही है।
