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Ujjain Spiritual Tourism Conclave : देश की आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है उज्जैन और ऊर्जा के श्रोत हैं बाबा महाकाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Ujjain Spiritual Tourism Conclave

Ujjain Spiritual Tourism Conclave

Ujjain Spiritual Tourism Conclave : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन देश की आत्मा है। (Ujjain Spiritual Tourism Conclave) देश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है और इस ऊर्जा का मूल आधार स्वयं बाबा महाकाल हैं। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल सम्पूर्ण चराचर जगत को गतिमान रखने वाली नैसर्गिक ऊर्जा के केंद्र हैं। उनके आशीर्वाद से ही यह शहर आज देश की धार्मिक आस्था और परम्पराओं के संवाहक के रूप में प्रसिद्धि पाकर “द बेस्ट रिलीजिएस एण्ड स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन” बन चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन के होटल अंजुश्री में दूसरे (Ujjain Spiritual Tourism Conclave) ‘रूहMantic’ के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस कॉन्क्लेव का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने उज्जैन में कॉन्क्लेव के दौरान फेथ एंड फ्लो पुस्तक का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन काल गणना की नगरी है। आज भारत का समय है और पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। (Ujjain Spiritual Tourism Conclave) उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक कलाएं और विद्या ग्रहण कीं। आत्म चिंतन के लिए भारत से अच्छा दुनिया में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान तक फैली हुई है।

पर्यटन नीति को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आध्यात्मिक पर्यटन को गति प्रदान करने की दृष्टि दी है। (Ujjain Spiritual Tourism Conclave) उज्जैन में एक हजार बीघा जमीन पर बाबा महाकाल का मंदिर बना हुआ है, जो विश्व आस्था का केंद्र है। इस कॉन्क्लेव में तिरुपति बालाजी ट्रस्ट, शिरडी साईंबाबा ट्रस्ट, काशी विश्वनाथ ट्रस्ट से भी प्रतिनिधि पधारे।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि (Ujjain Spiritual Tourism Conclave) उज्जैन की आध्यात्मिक धरोहर वैश्विक स्तर पर नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने 2000 साल तक आक्रमण और 200 साल की गुलामी झेली, फिर भी आज जीवंत है। प्रयागराज महाकुंभ इसका उदाहरण है।

इस दौरान उज्जैन इस्कॉन मंदिर के आध्यात्मिक गुरु धीर गौर दास प्रभु ने कहा कि (Ujjain Spiritual Tourism Conclave) उज्जैन अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही विश्व के टॉप 10 धार्मिक पर्यटन शहरों में शामिल होगा। पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन अनिल पाराशर ने बताया कि (Ujjain Spiritual Tourism Conclave) सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज हैं और उज्जैन भविष्य में धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनेगा।

प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि कोविड काल के बाद प्रदेश में लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। (Ujjain Spiritual Tourism Conclave) उज्जैन में पिछले साल 7 करोड़ श्रद्धालु आए। महाकाल लोक के कारण उज्जैन धार्मिक पर्यटन का शीर्ष केंद्र बन चुका है। कॉन्क्लेव में कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन, जनप्रतिनिधि, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और देशभर के धार्मिक पर्यटन विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन में आध्यात्मिक पर्यटन, निवेश अवसर और वैश्विक सहभागिता पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से (Ujjain Spiritual Tourism Conclave) प्रदेश को वेलनेस और आध्यात्मिक पर्यटन का नया आयाम मिलेगा। सरकार वेलनेस एक्टिविटी और ढाँचागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

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