अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर गंभीर आरोपों की जांच (Trump Epstein Files Investigation) शुरू कर दी है। यह जांच उन रिपोर्टों के बाद शुरू हुई है, जिनमें दावा किया गया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े आरोपों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किए गए थे। इन दस्तावेजों को एपस्टीन मामले की जांच के दौरान एकत्र किया गया था।
न्याय विभाग के अनुसार, यह जांच इस बात का पता लगाने के लिए की जा रही है कि क्या कुछ दस्तावेज अनुचित रूप से रोके गए या जारी किए गए रिकॉर्ड से हटा दिए गए। यह मामला तब चर्चा में आया, जब कई समाचार संगठनों ने रिपोर्ट प्रकाशित कर कहा कि एफबीआई द्वारा एक महिला के साथ किए गए साक्षात्कार के कुछ सारांश सार्वजनिक दस्तावेजों में शामिल नहीं थे।
बताया गया है कि संबंधित महिला 2019 में जेफरी एपस्टीन की गिरफ्तारी के बाद सामने आई थी। उसने आरोप (Trump Epstein Files Investigation) लगाया था कि 1990 के दशक में, जब वह नाबालिग थी, तब एपस्टीन और डोनाल्ड ट्रंप दोनों ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। इन आरोपों से जुड़े दस्तावेजों की अनुपस्थिति ने पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्याय विभाग ने अपने बयान में कहा कि कई व्यक्तियों और मीडिया संगठनों ने घिसलेन मैक्सवेल से जुड़े आपराधिक मामले की जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों में कुछ रिकॉर्ड के गायब होने की चिंता जताई है। मैक्सवेल, जो एपस्टीन की करीबी सहयोगी रही हैं, फिलहाल यौन तस्करी के आरोप में 20 साल की सजा काट रही हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग की यह जांच इस बात को स्पष्ट करने पर केंद्रित है कि क्या सभी संबंधित दस्तावेज उचित प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक (Trump Epstein Files Investigation) किए गए थे या नहीं। यह मामला अमेरिका की न्यायिक पारदर्शिता और उच्च-प्रोफाइल मामलों में जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन गया है।

