TMC Rift : तृणमूल में बढ़ा सियासी घमासान, अब सांसद के बेटे ने उठाया बड़ा कदम, कई नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल लगातार बढ़ती (TMC Rift) जा रही है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। पार्टी के अलग अलग गुटों के बीच बयानबाजी का दौर जारी है और अब मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।

राज्य के कई हिस्सों में इस विवाद को लेकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चर्चा बनी हुई है। इसी बीच बारासात से सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीकार ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई वरिष्ठ नेताओं को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है।

आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार :TMC Rift

डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीकार ने कहा कि उनके बारे में जो बातें कही गई हैं, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी बारासात विधानसभा क्षेत्र से विधायक का टिकट मांगने की इच्छा व्यक्त नहीं की थी और इस तरह के दावे पूरी तरह गलत हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार को लेकर लगाए गए व्यक्तिगत आरोप तथ्यहीन हैं। उनके अनुसार उनके और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।

कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी

डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीकार ने बताया कि उनकी वकील पूजा शुक्ला की ओर से एक कानूनी नोटिस तैयार किया गया है। इस दस्तावेज पर वह हस्ताक्षर कर चुके हैं और इसे सोमवार को संबंधित नेताओं को भेजा जाएगा।

उनका कहना है कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए हैं, उनसे जवाब मांगा जाएगा और आवश्यक होने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

सार्वजनिक माफी की रखी मांग

डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीकार ने कहा कि उन्होंने संबंधित नेताओं से अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि मामले में मानहानि का दावा भी दायर किया जा सकता है।

सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ी अंदरूनी खींचतान

राज्य की राजनीति में आए बदलाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के कई विधायक और सांसद नेतृत्व से दूरी बनाते नजर आए हैं। इसी क्रम में बारासात की सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में रहा है।

बयानबाजी से कानूनी लड़ाई तक पहुंचा विवाद

पार्टी के भीतर चल रहे विवाद के दौरान कई नेताओं की ओर से डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और उनके परिवार को लेकर बयान दिए गए। अब उन्हीं टिप्पणियों को आधार बनाकर कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। इससे राजनीतिक विवाद के और गहराने की संभावना जताई जा रही है।

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