‘झीरम की जिम्मेदारी भी तय होने पर न्याय मिलने का होगा संतोष’

रायपुर. झीरम घाटी मामले में 31 अगस्त को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की विशेष अदालत के फैसले की उम्मीद है। इससे पहले पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने घटना के दिन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रविवार को कहा कि झीरम घाटी हमले के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं और एनआइए के समक्ष अपनी आंखों देखी घटना का बयान भी दर्ज कराया है। घटना के दिन इलाके में पुलिस की मौजूदगी बेहद कम थी।

जिस मार्ग से कांग्रेस नेताओं का काफिला गुजर रहा था, वहां पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके  बयान में घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं और उस समय की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख किया गया है। झीरम कांड में केवल घटना को अंजाम देने वालों की पहचान और सजा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यदि सुरक्षा में किसी स्तर पर चूक हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

उन्होंने उम्मीद अदालत के फैसले में इन महत्वपूर्ण तथ्यों को भी उचित स्थान मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों और कांग्रेस नेताओं को वास्तविक न्याय का संतोष तभी मिलेगा, जब हमले के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आए और घटना के लिए जिम्मेदारी भी तय हो।

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