IPS जीपी सिंह पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, जानिए कारण…

रायपुर/नवप्रदेश। SC on GP Singh : छत्तीसगढ़ के निलंबित ADG जीपी सिंह की याचिका सुप्रीम कोर्ट से ख़ारिज होने से उन्हें तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय ने आज जीपी सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

इस मामलें की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमण ने की। जिसमें जीपी सिंह की तरफ से कोर्ट में दलील देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिश्घ्त अधिवक्ता यूआर ललीत ने पैरवी की। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से कोर्ट में मुकुल रोहतगी ने दलील दी।

जीपी सिंह ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक और जांच पर स्टे नहीं मिलने पर गिरफ्तारी पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट (SC on GP Singh) में याचिका दायर की थी। अब उनके सामने सरेंडर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद से रायपुर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है।

आपको बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने जीपी सिंह और उनके संबंधियों के अलग-अलग ठिकानों पर 1 जुलाई 2021 को छापेमारी के दौरान करीब 10 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति मिलने के बाद उनके सरकार आवास के ही नाली से एक डायरी मिली जिसमे सरकार को गिराने की साजिश की भी पुष्टि एसीबी अफसरों ने की थी, जिसके आधार पर जीपी सिंह पर राजद्रोह का मामला भी पंजीबद्ध किया गया।

5 जुलाई को जीपी सिंह (SC on GP Singh) को निलंबित करने के बाद 8 जुलाई को कोतवाली थाने में पहली एफआइआर दर्ज की गई थी। वहीं पुराने मामलों पर भी सिंह के नाम पर FIR अलग-अलग थानों में दर्ज किया गया है।

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