किसान को ‘बैल’ भी बना देती है फसल की चिंता, ये मुफलिसी नहीं मजबूरी है

बैतूल। बैलों की जगह किसानों farmer को हल खींचते देख आपको आश्चर्य हो रहा होगा। सोच रहे होंगे कि किसान farmer के पास बैल न होने या उन्हें खरीदने उसके पास पैसे न होने के कारण वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ हल खींच रहा है। लेकिन मध्य प्रदेश  के बैतूल जिले की पटटन तहसील के तिवरखेड़ गांव में रमेश खाण्डवे के खेत से लिये गए इस चित्र के पीछे की कुछ और ही दास्तान है।

दरअसल पत्ता गोभी के इस खेत में उगे खरपतवार को कम खर्च व पौधों को नुकसान पहुंचाए बिना नष्ट करने के लिए किसान farmer को खुद हल खींचना पड़ रहा है। यदि यहां हल से बैलों को जोता जाता तो वे शायद ही पत्ता गोभी के पौधों को बचाने के लिए किसानों जितने व्यवस्थित चल पाते। नतीजा ये होता कि 10-10 रुपये कीमत के कई पौधे नष्ट हो जाते।

मजदूर लगाकर भी यदि खरपतवार निकाला जाता तो उसमें किसान farmer को इस तकनीक की तुलना में कहीं ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते।

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