राजनांदगांव जिले में शैक्षणिक अनुशासन तोड़ने के गंभीर आरोप में जिला शिक्षा अधिकारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला विज्ञान) रज्जाक कुरैशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने बच्चों को उकसाकर छुरिया बस्ती में चक्काजाम कराया, जिससे शिक्षण व्यवस्था बाधित हुई। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि (Teacher Suspended) जैसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रज्जाक कुरैशी पीएमश्री स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम शाला छुरिया में पदस्थ थे, लेकिन लेखा शास्त्र का अध्यापन कर रहे थे, जबकि संस्था में पहले से वाणिज्य विषय के दो शिक्षक मौजूद थे। जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद उन्हें नजदीकी शासकीय हाई स्कूल कुर्मदा चारभाठा में संलग्न किया गया था। इसी दौरान उनके द्वारा विद्यार्थियों को उकसाकर सड़क पर चक्काजाम कराने की घटना प्रकाश में आई, जिसे जिला शिक्षा अधिकारी ने गंभीर अनुशासनहीनता माना।
घटना की सूचना मिलते ही प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे, बच्चों को समझाया और वापस स्कूल भेजा। इसके साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल पहुंचकर अन्य शिक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए। विभाग ने कहा है कि शिक्षक का कर्तव्य विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करना है, न कि उन्हें अनुशासनहीन गतिविधियों में शामिल करना। इसलिए निलंबन के साथ-साथ प्रभारी प्राचार्य योगेश साहू और व्याख्याता मनीषा सहारे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए (Teacher Suspended) मामलों में कड़ा रुख अत्यंत आवश्यक है। यह कार्रवाई पूरे जिले के शिक्षकों के लिए संदेश है कि छात्र हितों के विपरीत किसी भी गतिविधि पर तुरंत सख्ती होगी।

