वाराणसी। Swami Avimukteshwaranand attacked Yogi Adityanath: प्रयागराज माघ मेले में उठा विवाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के काशी आने के बाद भी खत्म नहीं हुआ है। आपने हमारा सर्टिफिकेट मांगा था, अब मुख्यमंत्री योगी ने योगी पर हमला करते हुए कहा है कि उन्हें साबित करना चाहिए कि वे हिंदू हैं। धर्म और सत्ता के बीच निर्णायक परीक्षा का समय आ गया है। आज़ाद भारत में गाय की रक्षा और गोहत्या पर रोक लगाने वाला कानून मांगना सबसे बड़ा अपराध बन गया है। इसीलिए सरकार ने गोरक्षा के लिए आवाज़ उठाने वालों को दबाने की कोशिश की। अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर निशाना साधते हुए यह भी याद दिलाया कि 1966 में जब गोरक्षा आंदोलन हुआ था, तब तत्कालीन सरकार ने कितने गोभक्त संतों को गोली मार दी थी।
स्वामी द्वारा जारी एक पैम्फलेट में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज समेत बड़े सनातनियों पर ज़ुल्म हो रहे थे। हमारे साथ इसलिए गलत हुआ क्योंकि हमने गोरक्षा के लिए आवाज़ उठाई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने हमारे शंकराचार्य होने का सबूत भी मांगा। हमारी इमेज खराब करने की कई कोशिशें की गईं। योगी आदित्यनाथ ने अपने विश्वासपात्र रामभद्राचार्य और दूसरों के ज़रिए यह सब करवाया।
इस ज़ुल्म ने सभी सनातनियों को नहीं रोका, बल्कि गोरक्षा के उनके इरादे को और मज़बूत किया है। अगर आप हमारा सबूत मांगते हैं, तो अब मुख्यमंत्री योगी को साबित करना चाहिए कि वह हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि धर्म को पावर के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं होती, लेकिन पावर को अब अपनी धार्मिक वफादारी साबित करनी होगी।
इसी तरह मुख्यमंत्री आदित्यनाथ, आपने हमारी भूमिका और परंपरा का सर्टिफिकेट मांगा था। हमने आपको आसानी से दे दिया। क्योंकि सच सबूतों से नहीं डरता। लेकिन अब समय आ गया है कि आप सबूत दें, हमारे नहीं। पूरा सनातनी समुदाय अब आपके हिंदू होने का सबूत मांगता है। हिंदू होना सिफऱ् भाषणों या भगवा तक सीमित नहीं है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी है कि गाय का रंग, उसकी कसौटी गौ सेवा और धर्म की रक्षा है।
इस बीच, उत्तर प्रदेश में गाय को राज्य माता का दर्जा दें। मीट एक्सपोर्ट पर रोक लगाएं। एक्सपोर्ट के नाम पर गायों को मारना बंद करें। भारत के कुल मीट एक्सपोर्ट में उत्तर प्रदेश का हिस्सा 40 परसेंट से ज़्यादा है। भैंस के मीट के नाम पर यह साजि़श रची जा रही है। बिना डीएनए टेस्टिंग के भैंस के मीट के नाम पर गायों को काटा जा रहा है। हम सरकार को 40 दिन की डेडलाइन दे रहे हैं। सरकार अपनी पॉलिसी पर विचार करे।
अगर गाय को राज्य गाय का दर्जा नहीं दिया गया और उसके एक्सपोर्ट पर रोक लगाने का आदेश जारी नहीं किया गया तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। 10-19 मार्च तक लखनऊ में पूरे संत समाज का एक प्रोग्राम होगा। तब हम मुख्यमंत्रियों को फर्जी हिंदू घोषित कर देंगे। अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा है कि जो सरकार गाय की रक्षा नहीं कर सकती, उसे उसे हिंदू कहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

