देश के सबसे चर्चित ‘महाठग’ सुकेश चंद्रशेखर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी कानूनी (Sukesh Chandrashekhar Bail) राहत मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अदालत ने सुकेश की जमानत मंजूर कर ली है। यह पूरा मामला अन्नाद्रमुक (AIADMK) के ‘दो पत्ती’ चुनाव चिह्न को हासिल करने के लिए दी गई कथित रिश्वत और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। हालांकि, कोर्ट से बेल मिलने के बावजूद सुकेश की जेल से रिहाई फिलहाल मुमकिन नहीं है।
31 में से 26 मामलों में मिली बेल, पर 5 अभी भी बाकी (Sukesh Chandrashekhar Bail)
सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ दर्ज मुकदमों की फेहरिस्त काफी लंबी है। कानूनी आंकड़ों के अनुसार, सुकेश पर अब तक कुल 31 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। ताजा फैसले के बाद अब तक उसे 26 मामलों में जमानत मिल चुकी है। लेकिन तकनीकी पेंच यह है कि अभी भी 5 अन्य गंभीर मामले लंबित हैं, जिनमें उसे जमानत मिलना बाकी है। जब तक इन बचे हुए मामलों में कोर्ट से राहत नहीं मिलती, तब तक सुकेश को सलाखों के पीछे ही रहना होगा।
क्या था ‘दो पत्ती’ चुनाव चिह्न विवाद?
यह मामला काफी पुराना और हाई-प्रोफाइल (Sukesh Chandrashekhar Bail) रहा है। आरोप था कि सुकेश चंद्रशेखर ने चुनाव आयोग के अधिकारियों को रिश्वत देकर AIADMK के ‘दो पत्ती’ चुनाव चिह्न को पार्टी के एक विशेष गुट के पक्ष में करवाने की साजिश रची थी। इसी मामले में ईडी (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी, जिसमें आज उसे जमानत दी गई है।
जेल से चर्चा में रहता है सुकेश
सुकेश चंद्रशेखर केवल अपनी ठगी के लिए ही नहीं, बल्कि जेल के भीतर से मशहूर हस्तियों को लिखे जाने वाले पत्रों और महंगे उपहारों के दावों को लेकर भी अक्सर सुर्खियों (Sukesh Chandrashekhar Bail) में रहता है। ठगी के साम्राज्य के खिलाफ चल रही कानूनी जंग में आज की जमानत को उसके वकीलों के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है, लेकिन अंतिम रिहाई के लिए अभी उसे बाकी पांच मोर्चों पर कानूनी लड़ाई जीतनी होगी।
