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मनरेगा जॉब कार्डों के अद्यतन और सत्यापन के लिए विशेष अभियान, सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी

Special drive for updating and verification of MNREGA job cards, circular issued to all collectors

MNREGA Job Card

रायपुर/नवप्रदेश। MNREGA Job Card : प्रदेश में मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम जॉब कार्डों के अद्यतन और सत्यापन के लिए 30 नवम्बर 2021 तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए हर पांच वर्ष में जॉब कार्डों की वैधता की जांच कर अद्यतन एवं सत्यापन किया जाता है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 1 नवम्बर से 30 नवम्बर तक विशेष अभियान चलाकर परिवार रोजगार कार्डो (जॉब कार्डों) के अद्यतन एवं सत्यापन के निर्देश दिए हैं।

निर्धारित प्रपत्र में जानकारी भेजने के निर्देश

राज्य मनरेगा आयुक्त मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने सभी कलेक्टरों-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयकों (मनरेगा) को इस संबंध में परिपत्र (MNREGA Job Card) जारी किया है। उन्होंने जॉब कार्डों के सत्यापन और अद्यतन के बाद राज्य मनरेगा कार्यालय को 10 दिसम्बर तक निर्धारित प्रपत्र में जानकारी भेजने कहा है। उन्होंने परिपत्र में बताया है कि श्रमिक परिवारों को जारी जॉब कार्ड पांच वर्षों के लिए वैध रहता है।

इसकी वैधता की जांच कर, अद्यतन व सत्यापन कर नवीनीकरण किया जाना है। जॉब कॉर्ड यदि डुप्लीकेट हो या संबंधित परिवार के सभी सदस्य दूसरे ग्राम पंचायत में स्थाई रूप से निवास कर रहे हों अथवा बहुत समय से गांव में निवास नहीं कर रहे हों, जैसी स्थितियों में ही उस परिवार का जॉब कार्ड निरस्त किया जा सकता है।

ये भेजना है जानकारी

मनरेगा के अंतर्गत जॉब कार्ड के नियमित रूप से अद्यतन के लिए संबंधित श्रमिक परिवार द्वारा किए गए कार्य की मांग, उसे उपलब्ध कराए गए कार्य दिवसों की संख्या, मस्टररोल के क्रमांक सहित उपलब्ध कराए गए कार्यों का विवरण, बेरोजगारी भत्ता के संबंध में जानकारी, किए गए कार्य की तारीख एवं दिनों की संख्या, मजदूरी भुगतान की दिनांकवार जानकारी तथा विलंबित क्षतिपूर्ति के भुगतान संबंधी जानकारी जैसी बिंदुओं को सूचीबद्ध किया गया है।

छत्तीसगढ़ में मनरेगा की स्थिति

छत्तीसगढ़ मनरेगा के अंतर्गत लक्ष्य से अधिक रोजगार देने में देश में पहले स्थान पर है। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारत सरकार द्वारा स्वीकृत 15 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन के लक्ष्य के विरूद्ध यहां अब तक 16 करोड़ छह लाख 84 हजार मानव दिवस रोजगार का सृजन किया जा चुका है। मनरेगा लागू होने के बाद से इस वर्ष प्रदेश में सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराने का नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है।

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