Editorial: छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित शरीद वीरनारायण सिंह अंतराष्ट्रीय स्टेडियम में दूसरे वन-डे क्रिकेट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत हासिल की लेकिन टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज विराट कोहली ने बैक टू बैक एक और शतक जड़कर क्रिकेटर प्रेमियों का दिल जीत लिया। विराट कोहली ने बारहवीं बार बैक टू बैक शतक लगातार एक ऐसा कीर्तिमान रचा है जिसे शायद ही कोई तोड़ पाये। विराट कोहली ने अपने वन-डे कैरियर में 53वां शतक जड़ा है और टेस्ट और नव-डे मिलाकर उनके 84 शतक हो गये हैं।
अब वे शतकों का शतक लगाने वाले सचिन तेन्दुलकर से सिर्फ 16 शतक रह गये हैं । विराट कोहली की उम्र अभी 37 साल है यदि वे भी सचिन तेन्दुलकर की तरह 40 वर्ष की आयु तक वन-डे मैच खेल लेते हैं तो जाहिर है वे शतकों का शतक लगाने वाले सचिन तेन्दुलकर के बाद दुनिया के दूसरे क्रिकेटर बन जाएंगे। विराट कोहली ने अपने नाम के अनुरूप एक और विराट पारी खेलकर यह साबित कर दिया है कि उनमें अभी बहुत क्रिकेट बाकी है।
रही बात दक्षिण अफ्रीका की तो उसमें दूसरे वंडे में भारत द्वारा दिये गये 358 रनों के लक्ष्य को चार गेंद शेष रहते हासिल करके एक नया कीर्तिमान रच दिया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था लेकिन दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने असंभव को संभव कर दिखाया और उसके खिलाडिय़ों ने जो शानदार प्रदर्शन किया उसे देखते हुए वे सही मायनों में जीत के अधिकारी थे।
रही बात टीम इंडिया की तो दूसरे वंडे मैच में भारतीय खिलाडिय़ों ने गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में कई गंभीर चूक की नतीजतन जीता हुआ मैच हार गये। विराट कोहली और रितुराज गायकवाड़ ने शतक जड़ कर भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया था और भारत इस बार बड़ी आसानी से चार सौ रन का आंकड़ा पार करता नजर आ रहा था। लेकिन अंतिम 11 ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों में धीमी बल्लेबाजी की।
वाशिंटन सुंदर आठ गेंद खेलकर सिर्फ एक रन बना सकें। वहीं दूसरे ऑलराउंडर रविन्द्र जड़ेजा ने भी बेहद निराश किया यह तो भारतीय टीम के कप्तान केएल राहुल ने आखरी ओवर में आक्रामक शॉट लगाये और टीम को 350 के पार पहुंचाया अन्यथा टीम इंडिया 350 का आंकड़ा भी नहीं छू पाती। बहरहाल 358 रन भी काफी थे लेकिन भारतीय गेंदबाज इस विसाल स्कोर का भी बचाव नहीं कर पाये प्रसिद्ध कृष्णा ने जमकर रन लुटाये।
यह ठीक है कि दूसरी पारी में ओस के कारण गेंदबाजी आसान नहीं थी। लेकिन भारतीय गेंदबाजों के आक्रमण में वह धार नहीं दिखी और फिल्डिंग भी खराब रही। बहरहाल इन कमियों का सुधार लिया जाता है तो तीसरे और निर्णायक मैच में भारत वापसी कर सकता है और 2-1 से यह सीरिज जीत सकता है।

