टी20 वर्ल्ड कप के ‘डेथ ग्रुप’ में साउथ अफ्रीका बनाम अफगानिस्तान मुकाबला ऐसा रोमांच लेकर आया, जिसने फैंस को आखिरी गेंद तक सांस (South Africa VS Afghanistan) रोके रखा। 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका को अंतिम ओवर में 13 रन और एक विकेट चाहिए था। ओवर फेंक रहे थे Kagiso Rabada और यहीं से मैच ने पलक झपकते ही कई करवटें बदलीं।
रबाडा की पहली गेंद पर विकेट गिरा, लेकिन अंपायर ने उसे नो-बॉल करार दिया। इसी जीवनदान का फायदा उठाते हुए Noor Ahmad ने अगली तीन गेंदों पर 11 रन जड़ दिए। आखिरी गेंदों पर दबाव चरम पर था। दूसरी नो-बॉल से फ्री-हिट मिली, मगर Fazalhaq Farooqi दूसरे रन के चक्कर में रनआउट हो गए और मैच सुपर ओवर में चला गया।
पहला सुपर ओवर: ड्रामा पर ड्रामा
पहले सुपर ओवर में अफगानिस्तान ने 18 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में साउथ अफ्रीका दबाव में दिखा, लेकिन आखिरी गेंद पर Tristan Stubbs ने छक्का (South Africa VS Afghanistan) जड़ दिया। नतीजा – सुपर ओवर भी टाई। मुकाबला तय करने के लिए दूसरा सुपर ओवर।
दूसरा सुपर ओवर: स्टब्स–मिलर शो
दूसरे सुपर ओवर में Azmatullah Omarzai गेंदबाज़ी पर आए। स्टब्स ने पहली ही गेंद पर छक्का ठोककर इरादे जता दिए। इसके बाद David Miller ने कमान संभाली – तीसरी गेंद पर डबल, फिर लगातार दो छक्के। आखिरी गेंद पर डबल लेकर ओवर से 23 रन बने और अफगानिस्तान के सामने 24 रन का पहाड़ खड़ा हो गया।
अफगानिस्तान का पीछा टूटा
लक्ष्य का पीछा करने उतरे अफगानिस्तान की शुरुआत लड़खड़ा गई। Mohammad Nabi बिना खाता खोले लौटे। आखिरी चार गेंदों में 24 रन की ज़रूरत थी, तब Rahmanullah Gurbaz ने Keshav Maharaj के ओवर में तीन लगातार छक्के जड़कर (South Africa VS Afghanistan) फिर उम्मीद जगाई। एक वाइड से समीकरण बदला, लेकिन निर्णायक क्षण में वे कैच हो गए और साउथ अफ्रीका ने मैच अपने नाम कर लिया।
नतीजा और असर
इस हार के साथ अफगानिस्तान की इस सीज़न की चुनौती लगभग समाप्त होती दिखी। रणनीति पर भी सवाल उठे—खासकर उस मोड़ पर, जहां बैटिंग ऑर्डर में किए गए प्रयोग उलटे पड़ गए। दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका ने दबाव में धैर्य और फिनिशिंग का बेहतरीन नमूना पेश कर ‘डेथ ग्रुप’ में अपनी दावेदारी और मज़बूत कर ली।

