Sleep Apnea : पूरी नींद के बाद भी क्यों बना रहता है थकावट का एहसास, जानिए कब बढ़ सकती है चिंता

शहर से लेकर कस्बों तक इन दिनों एक बात लोगों की बातचीत में बार बार सुनने को मिल (Sleep Apnea) रही है। कई लोग बताते हैं कि रात भर आराम करने के बावजूद सुबह शरीर में भारीपन बना रहता है और दिन चढ़ते चढ़ते फिर से नींद जैसा महसूस होने लगता है। रोजमर्रा के कामकाज के बीच यह परेशानी अब कई लोगों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है।

सुबह की भागदौड़ के बीच भी ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं है जो लगातार सुस्ती और थकान की शिकायत कर रहे हैं। आसपास के लोगों की प्रतिक्रियाओं में भी यही सवाल सुनाई देता है कि आखिर पर्याप्त आराम के बाद भी शरीर तरोताजा क्यों महसूस नहीं करता। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे केवल सामान्य थकान नहीं बल्कि कुछ छिपी हुई वजहें भी हो सकती हैं।

नींद में रुकावट बन सकती है बड़ी वजह : Sleep Apnea

अगर आपको तेज खर्राटे आते हैं और वजन भी सामान्य से ज्यादा है, तो नींद से जुड़ी एक गंभीर समस्या की आशंका हो सकती है। इस स्थिति में सोते समय सांस लेने की प्रक्रिया बार बार प्रभावित होती है। शरीर और दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे पूरी रात आरामदायक नींद नहीं हो पाती।

ऐसे लोगों की नींद बार बार टूटती रहती है। परिणाम यह होता है कि दिन में बैठते हुए, यात्रा के दौरान या काम करते समय भी झपकी आने लगती है। विशेषज्ञ इसे गंभीर स्थिति मानते हैं क्योंकि इसका संबंध हृदय और रक्तचाप से जुड़ी समस्याओं से भी देखा गया है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर जांच कराना जरूरी माना जाता है।

बिगड़ सकती है शरीर की अंदरूनी घड़ी

जो लोग रात के समय काम करते हैं या लगातार अलग अलग जगहों की यात्रा करते रहते हैं, उन्हें अक्सर शरीर की प्राकृतिक समय व्यवस्था में गड़बड़ी का सामना करना पड़ता है। जब शरीर का तय समय और बाहरी वातावरण का समय एक दूसरे से मेल नहीं खाते, तब सोने और जागने का पूरा क्रम प्रभावित हो जाता है। इसका असर दिनभर की ऊर्जा पर दिखाई (Sleep Apnea) देता है। व्यक्ति को लगातार थकान महसूस हो सकती है और काम के दौरान भी नींद हावी रह सकती है।

रोज की आदतें भी डालती हैं असर

कुछ सामान्य आदतें भी नींद की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा सकती हैं। मोबाइल का ज्यादा उपयोग: देर रात तक स्क्रीन देखते रहना या बार बार संदेश जांचना नींद के क्रम को प्रभावित कर सकता है। खानपान की लापरवाही: सोने से पहले कॉफी या नशे वाली चीजों का सेवन कई बार आरामदायक नींद में बाधा बन जाता है।

बीमारी और दवाओं से भी जुड़ सकता है मामला

दिनभर नींद आने की वजह सिर्फ कम आराम नहीं होती। कई स्वास्थ्य समस्याएं भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं। मोटापा, मधुमेह, हृदय संबंधी परेशानियां और थायरॉइड जैसी स्थितियां नींद के पैटर्न को प्रभावित कर सकती हैं। बढ़ती उम्र में कुछ तंत्रिका संबंधी रोगों के मरीजों में भी यह समस्या अधिक देखी जाती है।

खून की कमी और मौसम का प्रभाव

शरीर में रक्त की कमी होने पर ऑक्सीजन का स्तर प्रभावित (Sleep Apnea) हो सकता है। इसकी वजह से व्यक्ति को लगातार कमजोरी, थकावट और अधिक नींद महसूस हो सकती है। कुछ दवाओं के प्रभाव से भी दिन में सुस्ती बनी रह सकती है। वहीं बहुत अधिक गर्मी या अत्यधिक सर्द मौसम भी शरीर की ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है और थकान बढ़ा सकता है।

कुल मिलाकर, दिन में बार बार नींद आना केवल सामान्य आदतों का नतीजा भी हो सकता है और किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी। यदि यह परेशानी लगातार बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

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