लोक निर्माण विभाग में सड़क निर्माण के गुणवत्ताहीन और अमानक कार्यों पर राज्य सरकार की सख्ती लगातार जारी है। इसी कड़ी में कांकेर जिले के दमकसा से पेटेचुआ मार्ग में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री के अनुमोदन से दो अभियंताओं को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई (SDO Suspension PWD) के तहत की गई है, जबकि संबंधित कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
लोक निर्माण विभाग के बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ कि दमकसा–पेटेचुआ मार्ग पर किए गए डामरीकरण कार्य में व्यापक स्तर पर मानकों की अनदेखी की गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार 6.80 किलोमीटर लंबाई में किए गए पुनः डामरीकरण कार्य के दौरान न तो पर्याप्त सर्वेक्षण किया गया और न ही तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया, जिससे (SDO Suspension PWD) जैसी कठोर कार्रवाई आवश्यक हो गई।
जांच में यह भी सामने आया कि सड़क की लगभग 70 प्रतिशत एम.एस.एस. परत पूरी तरह उखड़ चुकी थी। इसके अलावा डामरीकरण में बी.एम. लेयर की मोटाई एक समान नहीं पाई गई। कोर कटिंग के दौरान सैंपल टुकड़े-टुकड़े होकर निकलना, डामर बिछाते समय उचित कम्पैक्शन न होना और बिटुमिन कंटेंट की अनदेखी जैसे गंभीर तकनीकी दोष भी उजागर हुए। इन सभी खामियों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए, जिसके चलते विभाग ने (SDO Suspension PWD) के तहत जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की।
इन अनियमितताओं के लिए लोक निर्माण विभाग के चारामा उप संभाग में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी के.एस. कंवर और उप अभियंता एम.के. खरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों अभियंताओं का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता दी जाएगी।
वहीं कांकेर संभाग के कार्यपालन अभियंता के.के. सरल को इस प्रकरण में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और कर्तव्य के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैये के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उन्हें 15 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलने पर विभाग द्वारा एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
कलेक्टर और विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण जैसे जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी (SDO Suspension PWD) जैसी कार्रवाई उन सभी मामलों में की जाएगी, जहां गुणवत्ता से समझौता पाया जाएगा। प्रशासन ने सभी अभियंताओं और ठेकेदारों को निर्देशित किया है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कराए जाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई तय है।

