मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के बच्चे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उनका भविष्य संवारना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बेहतर शिक्षा और मजबूत अधोसंरचना के माध्यम से हम प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा उपलब्ध करवा रहे हैं। इसी दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गुरुकुल शिक्षा पद्धति से प्रेरित अत्याधुनिक सुविधाओं वाले सांदीपनि विद्यालय (Sandeepani Schools) की शुरुआत की गई है।
अब तक प्रदेश में कुल 369 नए सांदीपनि विद्यालय (Sandeepani Schools) प्रारंभ हो चुके हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक शैक्षणिक उपकरण, डिजिटल शिक्षा कक्ष, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और खेलकूद की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विद्यालयों का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा के स्थायी प्रबंध के तहत समुचित सुविधाएँ प्रदान की गई हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय (Sandeepani Schools) बच्चों के लिए एक ऐसा मंच हैं, जहां वे न केवल ज्ञान अर्जित करेंगे बल्कि अपने कौशल और प्रतिभा का विकास भी कर पाएंगे।
इस अवसर पर शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि विद्यालयों में योग्य शिक्षक, प्रशिक्षित स्टाफ और डिजिटल शिक्षा तकनीक को प्राथमिकता दी गई है। इन सभी पहलुओं के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बच्चों और उनके अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे इन विद्यालयों की उपलब्धियों का अधिकतम लाभ उठाएँ और बच्चों की प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।
प्रदेश सरकार की इस पहल से बच्चों के लिए शिक्षा का स्तर नए मानकों तक पहुँच रहा है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि शिक्षा और कौशल विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। इन प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के बच्चे भविष्य में न केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी सशक्त बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विद्यालयों में दाखिला प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी। अभिभावक ऑनलाइन आवेदन, प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से अपने बच्चों का नामांकन करवा सकते हैं। विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया जाएगा।
डॉ. यादव ने इस मौके पर कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर से लाभान्वित हो और प्रदेश के सभी हिस्सों में शिक्षा का स्तर समान रूप से उन्नत हो।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में निरंतर निवेश कर रही है और भविष्य में और अधिक सांदीपनि विद्यालय (Sandeepani Schools) खोलने की योजना है।

