Safety Audit : अब नहीं चलेगी सुरक्षा में लापरवाही, राज्यभर में शुरू होने जा रही बड़ी जांच, कई संस्थान होंगे दायरे में

छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा कदम (Safety Audit) उठाया है। हाल के दिनों में देश के अलग अलग हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं के बाद राज्य स्तर पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अब बहुमंजिला इमारतों से लेकर कोचिंग संस्थानों और होटलों तक सुरक्षा इंतजामों की गहन पड़ताल की जाएगी।

सरकार का मानना है कि जनसुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की चूक गंभीर परिणाम ला सकती है। इसी वजह से पूरे प्रदेश में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने की तैयारी की गई है, जिसमें सुरक्षा मानकों का पालन प्राथमिकता से परखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दिए विशेष ऑडिट के निर्देश Safety Audit

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि राज्यभर में बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों की सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ऑडिट कराया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों, विद्यार्थियों और आम लोगों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सभी जिलों में चलेगा विशेष निरीक्षण अभियान

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव विकास शील ने सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, अग्निशमन विभाग और संबंधित अधिकारियों को विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।

इस अभियान के तहत बहुमंजिला भवनों, कोचिंग सेंटरों, ट्यूशन कक्षाओं, होटल, लॉज, मॉल, व्यावसायिक परिसरों और अन्य सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

इन व्यवस्थाओं की होगी गहन जांच

निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, वैध फायर एनओसी, आपातकालीन निकास मार्ग, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत वायरिंग, सीसीटीवी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार की सुविधा, पेयजल और स्वच्छता सहित अन्य जरूरी सुरक्षा मानकों की जांच (Safety Audit) की जाएगी। इसके अलावा भवन की क्षमता के अनुसार लोगों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था और आपदा की स्थिति में निकासी एवं राहत प्रबंधन की तैयारियों का भी परीक्षण होगा।

अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां मिलें, वहां संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जाएं। यदि किसी स्थान पर गंभीर अनियमितता सामने (Safety Audit) आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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