फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच और हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त ऑपरेशन के तहत हरियाणा के बहादुरगढ़ से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को आगे की जांच के लिए मुंबई लाया जा रहा है।
हरियाणा एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल के आग्रह पर यह कार्रवाई (Rohit Shetty House Firing) की गई। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक मुख्य शूटर है, जो विदेश में बैठे गैंगस्टर हरि बॉक्सर और आरजू बिश्नोई के संपर्क में था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फायरिंग में अत्याधुनिक और विदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि दीपक ने ही रोहित शेट्टी के घर पर गोली चलाई थी, जबकि उसके साथी सन्नी और सोनू ने पहले घर की रेकी की थी। एक अन्य आरोपी ऋतिक यादव ने शूटर्स को छुपने और ठिकाने बदलने में मदद की। पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले सात आरोपियों को पुणे और उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया था, जबकि 15 जनवरी को चार अन्य आरोपियों को हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य शूटर दीपक सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश में मौजूद आरजू बिश्नोई के संपर्क में आया था। आरजू बिश्नोई और हरि बॉक्सर दोनों का संबंध कुख्यात लारेंस बिश्नोई गैंग से बताया (Rohit Shetty House Firing) जा रहा है। इन्हीं के निर्देश पर रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की साजिश रची गई थी। दीपक को इस वारदात के लिए 50 हजार रुपये दिए गए थे और आगे और रकम मिलने का वादा किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि फायरिंग के बाद आरोपी दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग ठिकानों और होटलों में छुपते रहे। चार-पांच दिन बाद सभी आरोपी बहादुरगढ़ के एक खेत में बने ठिकाने पर रुके हुए थे, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया। फिलहाल सभी आरोपियों को मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल, इंस्पेक्टर सुनील पवार की टीम को सौंप दिया गया है।
गौरतलब है कि रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की घटना 1 फरवरी की देर रात सामने आई थी, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी थी। इस हमले की जिम्मेदारी हरि बॉक्सर (Rohit Shetty House Firing) ने ली थी। पुलिस का दावा है कि 15 दिनों के भीतर इस पूरे नेटवर्क को पकड़ लिया गया है और अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

