धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और किसान हितैषी (Rice Procurement Chhattisgarh) बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सारंगढ़ विकासखंड के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्रों की व्यवस्थाओं, टोकन प्रक्रिया, भौतिक सत्यापन, धान की गुणवत्ता और कर्मचारियों की उपस्थिति की गहन समीक्षा की। अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर ने मौके पर ही कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर ने करगीपाली, बोहराबहाल, कनकबीरा, दानसरा और सहसपुर धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करते हुए किसानों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छोटे और वास्तविक किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा सहित खाद्य एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
अनुपस्थित अधिकारी पर कार्रवाई
दानसरा धान खरीदी केंद्र के निरीक्षण में प्रभारी द्वारा बताया गया कि आज 5 किसानों के टोकन काटे गए हैं। इस दौरान नोडल अधिकारी नारायण लक्ष्मी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों से पूछताछ के बाद ही टोकन काटे जाएं तथा कम धान वाले किसानों के लिए कम टोकन जारी किए जाएं।
खराब और बदरा धान पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान खराब, बदरा एवं पुराना धान लाने वाले किसान मकरु केशरवानी (महादेव) का पंचनामा कर धान वापस करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने साफ कहा कि किसी भी स्थिति में खराब या बदरा धान की खरीदी नहीं की जाएगी और धान की खरीदी केवल ढेरी लगाकर ही की जाए।
कनकबीरा और बोहराबहाल केंद्रों की जांच
कनकबीरा धान खरीदी केंद्र में आज 14 किसानों के टोकन काटे गए। यहां कुल 585 किसान धान विक्रय करते हैं। भौतिक सत्यापन में एक किसान के 108 क्विंटल टोकन के विरुद्ध केवल 10 क्विंटल धान पाया गया, जिस पर कलेक्टर ने समिति को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
बोहराबहाल धान खरीदी केंद्र में पिछले चार दिनों में 1800 क्विंटल का टोकन जारी हुआ है। कलेक्टर ने शेष छोटे किसानों के टोकन शीघ्र काटने के निर्देश दिए।
छोटे किसानों को प्राथमिकता
सहसपुर धान खरीदी केंद्र के निरीक्षण में बताया गया कि आज 22 किसानों के टोकन काटे गए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन किसानों के पास धान उपलब्ध नहीं है, उनका रकबा समर्पण प्राथमिकता से कराया जाए, ताकि छोटे किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
कलेक्टर का बयान
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा, “अलग-अलग धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया गया और किसानों से चर्चा की गई। लगभग 98 प्रतिशत किसान धान बेच चुके हैं। सभी समिति प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि बदरा और खराब गुणवत्ता का धान न लिया जाए और वास्तविक किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी न हो।”

