Rajpal Yadav Case : राजपाल यादव को हाई कोर्ट से राहत, 1.5 करोड़ जमा करने के बाद मिली अंतरिम जमानत, पासपोर्ट करना होगा सरेंडर

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट से उन्हें बड़ी राहत (Rajpal Yadav Case) मिली है। कोर्ट के निर्देशानुसार 1.5 करोड़ रुपये शिकायतकर्ता के खाते में जमा कराने के बाद अभिनेता को अंतरिम जमानत दे दी गई है। हालांकि, राहत के साथ कोर्ट ने कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा।

16 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को दोपहर 3 बजे तक 1.5 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। अभिनेता ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए निर्धारित राशि जमा कराई, जिसके बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत के दौरान अभिनेता को अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 18 मार्च तय (Rajpal Yadav Case) की है। इस दिन राजपाल यादव को अदालत में व्यक्तिगत रूप से या वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि आगे की राहत पूर्व आदेशों के पालन और मामले की प्रगति पर निर्भर करेगी।

यह मामला वर्ष 2012 में रिलीज हुई फिल्म अता पता लापता से जुड़े वित्तीय विवाद से संबंधित है, जो राजपाल यादव के बैनर तले बनी थी और बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म थी। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार फिल्म निर्माण के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल रहने के कारण यह कर्ज समय पर नहीं चुकाया जा सका, जिसके बाद कर्जदाता पक्ष ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

इस केस में बीते वर्षों में कई बार सुनवाई हो चुकी है। अदालत द्वारा बार-बार भुगतान के निर्देश दिए जाने के बावजूद तय समयसीमा में आदेशों का पालन नहीं होने पर सख्ती (Rajpal Yadav Case) बरती गई।

वर्ष 2018 में अदालत की अवहेलना के चलते राजपाल यादव को सजा सुनाई गई थी और उन्हें कुछ समय के लिए तिहाड़ जेल भी भेजा गया था। इसी मामले में उन्हें 6 फरवरी 2026 को दोबारा तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया गया था।

फिलहाल हाई कोर्ट से मिली अंतरिम राहत के बाद राजपाल यादव को कानूनी प्रक्रिया में अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। अब सभी की नजरें 18 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

Exit mobile version