एक साथ कई नाम बदले, जिम्मेदारियां पलटीं और राजधानी की पुलिस व्यवस्था ने नया (Raipur Police Commissionerate) रूप ले लिया। जिस सिस्टम को लेकर लंबे समय से मंथन चल रहा था, वह अब जमीन पर उतर चुका है। इस फैसले के साथ ही रायपुर की कानून-व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह नई दिशा में बढ़ गया है।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लागू करते हुए 2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला को राजधानी का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। अब तक वे पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज के पद पर पदस्थ थे। नई व्यवस्था के तहत उन्हें नगरीय पुलिस, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक शक्तियों की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के साथ ही राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल भी किया है। जारी आदेश के अनुसार 16 आईपीएस अधिकारियों के तबादले (Raipur Police Commissionerate) किए गए हैं। रामगोपाल गर्ग (IPS-2007) को दुर्ग रेंज से हटाकर बिलासपुर रेंज का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है, जबकि अभिषेक शांडिल्य (IPS-2007) को राजनांदगांव से स्थानांतरित कर दुर्ग रेंज की कमान सौंपी गई है। बालाजी राव सोमावर (IPS-2007) को पुलिस मुख्यालय से राजनांदगांव रेंज भेजा गया है।
रायपुर कमिश्नरी के अंतर्गत नगरीय पुलिस ढांचे को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त स्तर पर भी नई तैनातियां की गई हैं। अमित तुकाराम कांबले (IPS-2009) को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर नगरीय बनाया गया है। वहीं जशपुर, रायगढ़ और रेल पुलिस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के पदों पर भी बदलाव किए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत रायपुर शहर को अलग-अलग जोन में बांटते हुए पुलिस उपायुक्तों की नियुक्ति (Raipur Police Commissionerate) की गई है। मध्य, पश्चिम और उत्तर क्षेत्र के अलावा ट्रैफिक, प्रोटोकॉल, क्राइम और साइबर जैसे अहम विभागों के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे त्वरित निर्णय और बेहतर नियंत्रण संभव हो सके।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कमिश्नरी प्रणाली लागू होने से राजधानी में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और आपात स्थितियों में निर्णय लेने की प्रक्रिया पहले से अधिक प्रभावी होगी। यह बदलाव रायपुर को आधुनिक पुलिसिंग मॉडल की ओर ले जाने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

