छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में रैगिंग और मारपीट के एक गंभीर मामले में कॉलेज प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए एमबीबीएस छात्र अंशु को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कॉलेज परिसर में सामने आए रैगिंग प्रकरण (Raipur Medical College Ragging) की जांच के बाद की गई है। जानकारी के अनुसार, 2023 बैच के छात्र अंशु ने 2024 बैच के चार जूनियर छात्रों को निशाना बनाते हुए उनके साथ रैगिंग की और इस दौरान मारपीट भी की गई।
पीड़ित छात्रों ने घटना से आहत होकर इसकी लिखित शिकायत कॉलेज प्रबंधन से की थी। शिकायत मिलते ही कॉलेज की अनुशासन समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। जांच प्रक्रिया के तहत समिति ने पीड़ित छात्रों के बयान दर्ज किए और पूरे घटनाक्रम की विस्तार से समीक्षा की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि छात्र अंशु ने कॉलेज के नियमों और आचार संहिता का उल्लंघन किया है, जो रैगिंग के नियमों (Raipur Medical College Ragging) के अंतर्गत दंडनीय है।
अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने छात्र अंशु को तीन दिनों के लिए कॉलेज से निलंबित करने का निर्णय लिया। प्रबंधन का कहना है कि यह कदम छात्रों के बीच अनुशासन बनाए रखने और भविष्य में ऐसे रैगिंग मामलों (Raipur Medical College Ragging) को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि परिसर में रैगिंग या किसी भी प्रकार की मारपीट को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी छात्रों को चेतावनी दी गई है कि वे संस्थान की गरिमा बनाए रखें और अनुशासन का पालन करें। प्रबंधन ने यह भी दोहराया कि रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति (Raipur Medical College Ragging) पर सख्ती से अमल किया जाएगा, ताकि शैक्षणिक वातावरण सुरक्षित और सकारात्मक बना रहे।

