Raipur Lift Incident: करेंसी टावर में अचानक थमी लिफ्ट, जांच में खुली बड़ी तकनीकी गड़बड़ी

रायपुर के करेंसी टावर में हुई Raipur Lift Incident ने लोगों को कुछ देर के लिए दहशत (Raipur Lift Incident) में डाल दिया। 20 अप्रैल की इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में घबराहट साफ देखी गई, कई लोगों ने बताया कि लिफ्ट के बीच में रुकते ही अंदर फंसे लोगों की आवाजें बाहर तक सुनाई दे रही थीं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया था और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।

स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी हाईटेक बिल्डिंग में इस तरह की समस्या भरोसे को कमजोर करती है। Raipur Lift Incident के बाद अब हर कोई यही पूछ रहा है कि जब बैकअप सिस्टम मौजूद था तो लिफ्ट आखिर रुकी क्यों। जांच के बाद जो बातें सामने आई हैं, वो इस पूरे मामले को और गंभीर बना देती हैं।

जांच में सामने आया कारण (Raipur Lift Incident)

करेंसी टावर में लगे कैप्सूल लिफ्ट क्रमांक 02 के बीच में रुकने की इस घटना को लेकर की गई जांच में पता चला कि बिजली सप्लाई बाधित होने पर बैकअप के तौर पर डीजल जनरेटर और यूपीएस दोनों सिस्टम उपलब्ध थे, लेकिन इसके बावजूद लिफ्ट को निरंतर बिजली नहीं मिल सकी।

मुख्य विद्युत निरीक्षकालय की रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाले दिन जैसे ही पावर सप्लाई में रुकावट आई, डीजल जनरेटर के ऑटोमैटिक चेंजओवर सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई। इसी वजह से यूपीएस सिस्टम भी प्रभावित हो गया और लिफ्ट को लगातार बिजली सप्लाई नहीं मिल पाई, जिसके चलते वह बीच में ही रुक गई।

7 दिन में सुधार का अल्टीमेटम

जांच रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों ने सभी तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए 7 दिन की समय (Raipur Lift Incident) सीमा तय की है। साफ तौर पर कहा गया है कि निर्धारित समय के भीतर सुधार नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह लिफ्ट अभी वारंटी पीरियड में है, जो 23 जनवरी 2027 तक मान्य है। इसलिए संबंधित एजेंसी द्वारा मरम्मत और सुधार का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

कार्रवाई की चेतावनी

मुख्य विद्युत निरीक्षकालय ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट (Raipur Lift Incident) किया है कि अगर तय समय में सभी जरूरी सुधार पूरे नहीं किए गए, तो केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के नियम 2023 के विनियम 32 के तहत 48 घंटे का नोटिस जारी कर बिजली सप्लाई बंद करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

इस पूरे Raipur Lift Incident ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़ी इमारतों में लगे सेफ्टी सिस्टम कितने भरोसेमंद हैं और उनकी नियमित जांच कितनी जरूरी है।

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