Raipur and Bilaspur to shine among the country’s 50 model cities: स्वच्छता में देश के 50 मॉडल शहरों में चमकेंगे रायपुर-बिलासपुर

-देश के अन्य शहरों के लिए अनुकरणीय मॉडल शहर बनाने जल्द बनेगी कार्ययोजना

दोनों निगमों के आयुक्तों को प्रगति-50 टीम गठन के निर्देश

रायपुर/नवप्रदेश। स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (Raipur and Bilaspur to shine among the country’s 50 model cities) के तहत मॉडल शहर बनाने के लिए देश के 50 शहरों का चयन केन्द्र सरकार द्वारा किया गया है। छत्तीसगढ़ के दो बड़े शहर रायपुर और बिलासपुर भी इन शहरों में शामिल है।नगरीय प्रशासन विभाग ने दोनों निगमों के आयुक्तों को जल्द ही प्रगति-50 टीम का गठन करने एवं केपीआई फ्रेमवर्क के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) एवं 48 बिन्दुओं का केपीआई फ्रेमवर्क भी संबंधित निकायों को प्रेषित किया गया है। आयुक्तों से कहा गया है कि वे जल्द ही अपने निकाय में प्रगति-50 टीम का गठन करें । उन्हें बेसलाइन का आकलन करने, केपीआई फ्रेमवर्क के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने, स्वच्छत पोर्टल पर नियमित प्रवृष्टि सुनिश्चित करने, राज्य स्तरीय अर्धमासिक समीक्षा बैठकों हेतु प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। निकायों की अद्यतन स्थिति भी 7 दिन में प्रेषित करने कहा गया है। आयुक्तों को इन निर्देशों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने भी निर्देशित किया गया है।

प्रगति-50 टीम के अध्यक्ष होंगे कलेक्टर

प्रगति-50 टीम का गठन 7 दिन के भीतर करना होगा। कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित होने वाली इस टीम में आयुक्त नगर निगम एवं पर्यावरण संरक्षण मंडल क्षेत्रीय कार्यालय (Raipur and Bilaspur to shine among the country’s 50 model cities)के सदस्य भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। आवश्यकतानुसार अन्य सदस्यों को भी टीम में रखा जा सकेगा।अपर आयुक्त स्तर के एक अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित करना होगा।

15 दिन में बेसलाइन आकलन, 30 दिन में कार्ययोजना

दोनों शहरों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता/शौचालय एवं अनुपचारित जल प्रबंधन की वर्तमान स्थिति का वार्डवार बेसलाइन आकलन 15 दिन में तैयार करना होगा । प्रत्येक केपीआई हेतु अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घटकालीन लक्ष्य, उत्तरदायी अधिकारी, समय सीमा एवं वित्तीय स्रोत सहित कार्ययोजना 30 दिन के भीतर तैयार करनी होगी। कार्ययोजना में नगर निगम के साथ रेल्वे, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, स्मार्ट सिटी, विकास प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित संस्थाओं की भूमिका स्पष्ट करनी होगी। कार्ययोजना को राज्य मिशन संचालन स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) को अनुमोदन के लिए भेजना होगा।

अल्पकालीन केपीआई पर अनिवार्य कार्यवाही

संबंधित निकाय को 100 प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण, स्रोत पर कचरा पृथक्करण (Raipur and Bilaspur to shine among the country’s 50 model cities)कम से कम 50 प्रतिशत, गीला/सूखा/सैनिटरी/विशेष देखभाल वाले कचरे का का पृथक संग्रहण एवं परिवहन करना होगा । संग्रहण एवं परिवहन की डिजिटल टै्रकिंग, सभी बल्क जनरेटर का पंजीयन एवं प्रसंस्क रण मानकों का 100 प्रतिशत पालन, सी एंड डी कचरे का संग्रहण एवं प्रसंस्करण, निकाय में कम से कम एक आरआरआर प्रसंस्करण केन्द्र बनाना होगा।अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों जैसे रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड,बाजार, अस्पताल आदि में रात्रिकालीन सफाई एवं दिन में दो बार अपशिष्ट संग्रहण करना होगा।जलाशयों, नालों-नालियों की सफाई एवं गाद निकासी, निकाय को रेड स्पॉट, येलो स्पॉट एवं जीवीपी मुक्त करना, सार्वजनिक स्थलों पर लिटर बिन एवं सभी सार्वजनिक शौचालयों में सैनेटरी बिन की व्यवस्था करनी होगी। कचरा फैलाने एवं एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग पर अर्थदंड की कड़ाई से वसूली करनी होगी ।

सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान

फुटपाथ, मीडियन गड्ढा एवं मलबा मुक्त, अनाधिकृत पोस्टर एवं लटकते तारों का हटाव, स्थानीय कला-संस्कृति आधारित भित्ति चित्रण, निर्माण स्थलों को ढककर धूल नियंत्रण करना होगा। इसी तरह लेगेसी वेस्ट का 75 प्रतिशत उपचार एवं डंप साइट पर नए कचरे की डंपिंग पूर्णत: प्रतिबंधित करनी होगी। स्वीकृत सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालयों, आकांक्षी शौचालयों एवं मूत्रालयों का 100 फीसदी निर्माण एवं कार्यशीलता, एवं सभी शौचालयों को सुरक्षित निस्तारण प्रणाली से जोडऩा होगा

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