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राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू पर तंज कसा, मंत्री ने पलटवार करते हुए उन्हें देश का दुश्मन बताया

Rahul Gandhi mocked Ravneet Bittu, and the minister retaliated by calling him an enemy of the country.

Rahul gandhi

-विपक्षी नेता राहुल गांधी द्वारा उनकी आलोचना करने के बाद कड़ा जवाब

नई दिल्ली। Rahul gandhi: संसद के बजट सेशन के दौरान बुधवार को संसद परिसर में जुबानी जंग देखने को मिली। जब कांग्रेस सांसद मकर द्वार पर प्रोटेस्ट कर रहे थे, उसी दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई। राहुल गांधी ने बिट्टू को गद्दार दोस्त कहा, जबकि बिट्टू ने पलटवार करते हुए गांधी को देश का दुश्मन कह दिया। इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

कांग्रेस के आठ सांसदों के सस्पेंशन के विरोध में राहुल गांधी (Rahul gandhi) की लीडरशिप में मकर द्वार पर प्रोटेस्ट किया जा रहा था। इस समय, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजऱ रहे थे और राहुल गांधी ने उन्हें देखकर मज़ाक उड़ाते हुए कहा, देखो, एक गद्दार यहां से गुजऱ रहा है, उसका चेहरा देखो। इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने उनसे हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया और कहा नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त! चिंता मत करो, तुम फिर से (कांग्रेस में) लौटोगे।

राज्य मंत्री बिट्टू का पलटवार

राहुल गांधी ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन रवनीत बिट्टू ने इसे ठुकरा दिया और करारा जवाब दिया। बिट्टू ने कहा देश के दुश्मनों से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गांधी को देश का दुश्मन बताते हुए उन्होंने हाथ मिलाने से साफ मना कर दिया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक तीखी बहस हुई और वे एक-दूसरे को देखकर चले गए। रवनीत सिंह बिट्टू का राजनीतिक सफर राहुल गांधी (Rahul gandhi) से उनकी मुलाकात के साथ शुरू हुआ। बिट्टू तीन बार कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। चुनाव हारने के बावजूद भाजपा ने उन्हें मंत्री पद दिया। खालिस्तानी आतंकवादियों ने बिट्टू के दादा (बेअंत सिंह) की हत्या कर दी थी, इसलिए बिट्टू को कट्टरपंथियों का कट्टर विरोधी माना जाता है।

पहले भी राहुल गांधी की आलोचना

दोनों नेताओं के बीच यह टकराव नया नहीं है। सितंबर 2024 में बिट्टू ने राहुल गांधी पर सिखों को बांटने का आरोप लगाया था और उन्हें देश का नंबर वन आतंकवादी कहा था। यूएस में सिखों को लेकर राहुल गांधी के बयान के बाद यह विवाद चरम पर पहुंच गया था। दूसरी ओर, कांग्रेस के सांसद भारत-यूएस ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर संसद की सीढिय़ों पर विरोध कर रहे थे। वे तख्तियां पकड़े हुए थे जिन पर लिखा था कि प्रधानमंत्री ने समझौता किया है। मंगलवार को गलत व्यवहार के लिए सस्पेंड किए गए 8 एमपी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

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