Punjab Stubble Burning 2025 : सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से पराली जलाने में 70 प्रतिशत कमी

Punjab Stubble Burning 2025 : सुप्रीम कोर्ट (Punjab Stubble Burning 2025) के कड़े निर्देश और पंजाब सरकार की सख्ती के कारण इस वर्ष राज्य में पराली जलाने के मामले पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम दर्ज हुए हैं। 15 सितंबर से पराली जलाने पर निगरानी शुरू हुई और अब तक कुल 39 दिनों में 512 मामले सामने आए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 70 प्रतिशत कम हैं। वर्ष 2024 में इसी अवधि में 1,638 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 1,946 था। गुरुवार को केवल 28 स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं सामने आईं।

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अधिकारियों के अनुसार अब तक 215 एफआइआर दर्ज की गई हैं और 214 किसानों की जमीनों पर रेड एंट्री की गई है। 13.52 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें 8.95 लाख रुपये की राशि वसूली भी की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार पराली जलाने पर किसी भी किसान के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। पराली जलाने के मामलों में तरनतारन 159 मामलों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि अमृतसर 133 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है।

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एक्यूआइ में सुधार

20 अक्टूबर को दीपावली और 21 अक्टूबर को बेशक प्रदूषण खतरनाक स्तर पर रहा, लेकिन शुक्रवार को एक्यूआइ (Punjab Stubble Burning 2025) में सुधार दर्ज किया गया। अमृतसर का एक्यूआइ गुरुवार के मुकाबले 88 अंक घटकर 218 रहा। जालंधर का एक्यूआइ 62 अंक घटकर 266, पटियाला का 146 और लुधियाना का एक्यूआइ गुरुवार के समान 304 पर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि सख्त निगरानी और जुर्माने की नीति के कारण किसान अब पराली जलाने से परहेज कर रहे हैं।

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