Premanand Maharaj : अचानक मौन व्रत पर गए संत प्रेमानंद, दर्शन और पदयात्रा बंद होने से भक्तों में बढ़ी चिंता

वृंदावन में मंगलवार को संत प्रेमानंद महाराज को लेकर अचानक चर्चाएं (Premanand Maharaj) तेज हो गईं। आश्रम के बाहर दूर दूर से पहुंचे कई श्रद्धालु दर्शन की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन वहां पहुंचकर उन्हें नई व्यवस्था की जानकारी मिली। आश्रम के बाहर भक्तों के चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई दी और कई लोग सिर्फ चौखट पर माथा टेककर वापस लौटते नजर आए।

संत प्रेमानंद महाराज की सेहत को लेकर पिछले कुछ दिनों से अलग अलग चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच आश्रम प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि उन्होंने पूर्ण मौन व्रत धारण कर लिया है। इसके साथ ही उनकी दैनिक पदयात्रा और सभी तरह के दर्शन भी अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।

आश्रम ने जारी की सूचना : Premanand Maharaj

वृंदावन स्थित आश्रम की ओर से जारी सूचना में बताया गया कि पिछले दो दिनों से पदयात्रा और एकांतिक दर्शन पहले ही रोके गए थे। अब इसे अनिश्चितकाल तक लागू कर दिया गया है।

भक्तों से वृंदावन नहीं आने की अपील

आश्रम प्रशासन ने सोशल मीडिया के जरिए भक्तों से अपील की है कि फिलहाल दर्शन के लिए वृंदावन न आएं। साथ ही संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य लाभ और साधना में सहयोग करने की बात कही गई है।

सेहत को लेकर बढ़ी चिंता

मौन व्रत और दर्शन बंद होने के फैसले के बाद भक्तों के बीच चिंता बढ़ (Premanand Maharaj) गई है। देश के अलग अलग हिस्सों से लोग उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं।

लंबे समय से चल रही है बीमारी

जानकारी के मुताबिक संत प्रेमानंद महाराज लंबे समय से गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रहे हैं। नियमित डायलिसिस के बावजूद वह लगातार भक्तों से संवाद और दर्शन देते रहे थे।

डॉक्टरों ने दी आराम की सलाह

हाल ही में डायलिसिस के बाद कमजोरी बढ़ने की बात सामने (Premanand Maharaj) आई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी। इसी वजह से पहले दो दिनों तक पदयात्रा रोकी गई थी और अब मौन व्रत के साथ सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।

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