छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना महत्वपूर्ण दिल्ली दौरा पूरा कर राजधानी रायपुर लौट (PM Narendra Modi Meet CM Sai) आए हैं। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री के चेहरे पर एक अलग ही संतोष और आत्मविश्वास नजर आया।
उन्होंने इस दौरे को राज्य के भविष्य, विशेषकर बस्तर संभाग के लिए बेहद निर्णायक बताया। सीएम साय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें बस्तर को नक्सलवाद के चार दशक पुराने दंश से मुक्ति दिलाने के संकल्प और अब तक की सफलताओं के लिए विशेष रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्रधानमंत्री को सौंपा बस्तर के विकास का ‘विस्तृत रोडमैप’ (PM Narendra Modi Meet CM Sai)
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि बस्तर के सर्वांगीण विकास पर गहन चर्चा हुई। सीएम ने प्रधानमंत्री को एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट सौंपा है, जिसमें बताया गया है कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर की सूरत कैसे बदलेगी।
वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसर किस तरह पैदा किए जाएंगे, इसका पूरा खाका केंद्र सरकार के सामने रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का औपचारिक न्योता भी दिया है, जहां पीएम के हाथों कई बड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण होना प्रस्तावित है।
असम चुनाव और संगठन की मजबूती पर भी चर्चा
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय पदाधिकारियों से भी मुलाकात (PM Narendra Modi Meet CM Sai) की। असम में होने वाले चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम साय ने बड़े ही बेबाक अंदाज में कहा कि वहां भाजपा की स्थिति बहुत मजबूत है और पार्टी भारी बहुमत के साथ दोबारा सरकार बनाने जा रही है।
उन्होंने संगठन की मजबूती और चुनावी रणनीतियों को लेकर आलाकमान के साथ हुए विमर्श को राज्य और देश के लिए सकारात्मक बताया।
प्रदेश के मौसम और भविष्य की रणनीति
बस्तर के बहाने छत्तीसगढ़ के विकास की गाथा लिखने की तैयारी कर रहे मुख्यमंत्री ने यह साफ कर दिया है कि राज्य सरकार अब ‘फुट ऑन द पेडल’ मोड (PM Narendra Modi Meet CM Sai) में है। एक तरफ जहां नक्सल मोर्चे पर मिली कामयाबी को स्थायी विकास में बदलने की चुनौती है,
वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन राज्य की योजनाओं को नई रफ्तार देने वाला है। मानसून के बाद होने वाला प्रधानमंत्री का दौरा न केवल छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए अहम होगा, बल्कि यह बस्तर के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत भी साबित हो सकता है।
